मृतक के आधार को डीएक्टिवेट करने की पूरी प्रक्रिया: UIDAI को कैसे रिपोर्ट करें
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परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु के बाद उसकी पहचान का दुरुपयोग रोकना अत्यंत आवश्यक है। आधार कार्ड, जो 12 अंकों का यूनिक पहचान दस्तावेज़ है, कई सरकारी और निजी सेवाओं में उपयोग होता है। UIDAI ने मृतक के आधार को डीएक्टिवेट करने के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध करवाई है, जिससे परिवार को प्रक्रिया में आसानी होती है। नीचे इस प्रक्रिया के सभी आवश्यक चरण, दस्तावेज़ और ध्यान देने योग्य बातें दी गई हैं।
मुख्य बातें
- मृतक के आधार को डीएक्टिवेट करने के लिए UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करनी होती है।
- आवेदन के लिए डैथ सर्टिफिकेट की स्कैन कॉपी, मृतक का आधार नंबर, और रिपोर्ट करने वाले परिवार सदस्य का आधार नंबर व मोबाइल नंबर आवश्यक है।
- रिक्वेस्ट जमा करने के बाद एक सर्विस रिक्वेस्ट नंबर (SRN) जनरेट होता है, जिससे आप आवेदन की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।
- रिक्वेस्ट जमा करने से तुरंत आधार डीएक्टिवेट नहीं होता; UIDAI द्वारा सबमिट की गई जानकारी की वेरिफिकेशन के बाद आगे की कार्रवाई की जाती है।
आवश्यक दस्तावेज़ और जानकारी
प्रक्रिया शुरू करने से पहले नीचे दिए गए दस्तावेज़ और डेटा तैयार रखें:
- डैथ सर्टिफिकेट – स्कैन की हुई कॉपी, जो मृत्यु की पुष्टि करता हो।
- मृतक का आधार नंबर – 12 अंकों का UID, जिससे रिकॉर्ड पहचान किया जाएगा।
- रिपोर्ट करने वाले परिवार सदस्य का आधार नंबर – ऑनलाइन ऑथेंटिकेशन के लिए आवश्यक।
- रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर – जिस नंबर से आधार जुड़ा हो, OTP प्राप्त करने के लिए।
- मृतक की डेमोग्राफिक डिटेल (नाम, जन्म तिथि, पता) – वेरिफिकेशन के दौरान माँगी जा सकती है।
चरण‑दर‑चरण प्रक्रिया
1. myAadhaar पोर्टल पर लॉग‑इन
UIDAI की आधिकारिक myAadhaar वेबसाइट पर जाएँ। अपना आधार नंबर और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करके OTP‑बेस्ड ऑथराइजेशन पूरा करें।
2. सेवा चयन
डैशबोर्ड में “परिवार के मेंबर की मृत्यु की सूचना दें” (Report Death of Family Member) विकल्प चुनें। यह विकल्प विशेष रूप से आधार डीएक्टिवेशन के लिए बनाया गया है।
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3. मृतक की जानकारी भरें
मृतक का 12‑अंकों का आधार नंबर और मृत्यु पंजीकरण (डैथ रजिस्ट्री) नंबर दर्ज करें। यदि मृत्यु पंजीकरण नंबर उपलब्ध नहीं है, तो डैथ सर्टिफिकेट में दी गई जानकारी का उपयोग किया जा सकता है।
4. डैथ सर्टिफिकेट अपलोड करें
स्कैन की हुई डैथ सर्टिफिकेट को “सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट” के रूप में अपलोड करें। फ़ाइल का आकार 2 MB से अधिक नहीं होना चाहिए और PDF, JPEG या PNG फॉर्मेट में होना चाहिए।
5. सबमिट और SRN प्राप्त करें
सभी जानकारी सत्यापित करने के बाद “सबमिट” बटन दबाएँ। सिस्टम एक सर्विस रिक्वेस्ट नंबर (SRN) जेनरेट करेगा। इस नंबर को सुरक्षित रखें; यह भविष्य में आवेदन की स्थिति ट्रैक करने के लिए आवश्यक होगा।
6. आवेदन की स्थिति ट्रैक करें
myAadhaar पोर्टल में “आवेदन की स्थिति देखें” विकल्प पर जाकर SRN दर्ज करें। UIDAI द्वारा दस्तावेज़ वेरिफिकेशन पूरा होने पर आपको ई‑मेल या SMS के माध्यम से अपडेट मिलेगा।
ध्यान देने योग्य बातें
- डैथ सर्टिफिकेट की स्कैन कॉपी स्पष्ट और पढ़ने योग्य होनी चाहिए; धुंधली या अधूरी फाइल अस्वीकृत हो सकती है।
- रिपोर्ट करने वाले सदस्य का मोबाइल नंबर आधार से लिंक होना अनिवार्य है; अन्य नंबर से OTP नहीं मिलेगा।
- यदि रिपोर्ट करने वाले सदस्य का आधार सक्रिय नहीं है, तो वह इस प्रक्रिया को ऑनलाइन नहीं कर पाएँगे; ऐसे में निकटतम UIDAI हेल्पडेस्क या सेवा केंद्र पर जाकर सहायता लेनी होगी।
- एक बार आधार डीएक्टिवेट हो जाने पर, उस आधार से जुड़े सभी बैंक, मोबाइल, LPG, पेंशन आदि सेवाओं को भी अपडेट करना आवश्यक है।
आगे की कार्रवाई
UIDAI द्वारा वेरिफिकेशन के बाद यदि आधार डीएक्टिवेट किया जाता है, तो आपको एक पुष्टि संदेश मिलेगा। इस पुष्टि के बाद, संबंधित बैंक, सरकारी योजनाओं और अन्य सेवाओं को सूचित करके उनके खातों को बंद या अपडेट करना न भूलें। यह कदम पहचान चोरी और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव में मदद करेगा।
समग्र रूप से, UIDAI की ऑनलाइन मृत्यु रिपोर्टिंग सुविधा परिवार को तेज़, सुरक्षित और कागज़ी कार्यों से मुक्त प्रक्रिया प्रदान करती है। सही दस्तावेज़ और चरणों का पालन करके आप मृतक के आधार को शीघ्रता से डीएक्टिवेट कर सकते हैं और संभावित पहचान‑धोखाधड़ी से बचाव कर सकते हैं।




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