फर्जी टीसी पर राशन डीलर की नियुक्ति? बुलंदशहर में शिकायत निस्तारण पर उठे गंभीर सवाल, मामला CM तक पहुंचा
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बुलंदशहर।उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के ग्राम कमालपुर नयसर (पोस्ट मीरपुर, खुर्जा) में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां राशन डीलर छोटी बेगम की नियुक्ति में फर्जी ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) के इस्तेमाल के आरोप लगे हैं। मामले को लेकर दर्ज की गई ऑनलाइन शिकायत संख्या 250043797 के निस्तारण की प्रक्रिया अब सवालों के घेरे में आ गई है।
शिकायत निस्तारण में सुनवाई का दावा, शिकायतकर्ता का इनकार
शिकायतकर्ता और अधिवक्ता शाहिद खान सोलंकी का आरोप है कि राशन डीलर द्वारा प्रस्तुत टीसी में गंभीर विसंगतियां हैं और इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर लाइसेंस हासिल किया गया। शिकायत में दस्तावेजों की विस्तृत जांच और सत्यापन की मांग की गई थी।
हालांकि, निस्तारण आदेश में यह उल्लेख किया गया कि शिकायतकर्ता से बातचीत कर जांच पूरी की गई, लेकिन शिकायतकर्ता का कहना है कि न तो कोई फोन कॉल आया, न कोई नोटिस भेजा गया और न ही उनका बयान दर्ज किया गया। इसके बावजूद 23 दिसंबर 2025 को शिकायत को निस्तारित घोषित कर दिया गया।
सोशल मीडिया पर उठा मामला, मुख्यमंत्री को किया टैग
शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले को X (पूर्व ट्विटर) पर दस्तावेजों और स्क्रीनशॉट के साथ सार्वजनिक किया है।
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उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को टैग करते हुए मांग की है कि मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।उनका कहना है कि बिना शिकायतकर्ता को सुने शिकायत बंद करना Natural Justice और प्रशासनिक पारदर्शिता के सिद्धांतों के खिलाफ है।
प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल
यह मामला अब केवल एक स्थानीय शिकायत नहीं रह गया है, बल्कि यह
राशन डीलर नियुक्ति प्रक्रिया
दस्तावेज सत्यापन प्रणाली
शिकायत निस्तारण की पारदर्शिता
जैसे अहम मुद्दों से जुड़ गया है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह Public Distribution System (PDS) की विश्वसनीयता पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से दोबारा जांच को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचने के बाद अब इस पर आगे की कार्रवाई की संभावनाएं बढ़ गई हैं।





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