कौशांबी में सपा विधायक इंद्रजीत सरोज पर FIR, बीजेपी नेता ने किया हमले का आरोप
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उत्तरी प्रदेश के कौशांबी जिले में मंझनपुर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष और बीजेपी नेता वीरेंद्र सरोज (फौजी) ने सपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं विधायक इंद्रजीत सरोज सहित चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई। यह घटना 6 नवंबर को हुई, जब सरोज जी अपनी निजी गाड़ी से प्रयागराज जा रहे थे।
घटना का विवरण
वीरेंद्र सरोज के अनुसार, करारी थाने के म्योहर गांव के पास उनकी गाड़ी को सपा विधायक इंद्रजीत सरोज और उनके समर्थकों ने घेर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वेदपाल, शादाब और शिवपूजन यादव सहित समर्थकों ने बीजेपी के खिलाफ नारे लगाए, अभद्र भाषा का प्रयोग किया और जान से मारने की नीयत से हमला करने की कोशिश की। सरोज ने बताया कि उनके साथ सरकारी सुरक्षा गार्ड भी था, जिसे भी धक्का‑मुक्की और मारपीट का सामना करना पड़ा।
पुलिस की कार्रवाई
करारी थाने के पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि शिकायत के बाद FIR दर्ज की गई। भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 125 (जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना), 191(2) (दंगा करना), 352 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान) और 126(2) (गलत तरीके से रोकना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसपी ने कहा कि जांच जारी है और परिणामों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सपा का प्रतिक्रिया
सपा के नेताओं ने इस आरोप को निराधार और राजनीतिक स्टंट बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएँ अक्सर चुनावी माहौल में उभरीं होती हैं और वास्तविक तथ्य जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।
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मुख्य बातें
- बीजेपी नेता वीरेंद्र सरोज ने 6 नवंबर को सपा विधायक इंद्रजीत सरोज और चार सहयोगियों पर हमला करने का आरोप लगाया।
- करारी थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 125, 191(2), 352 और 126(2) के तहत FIR दर्ज हुई।
- पुलिस मामले की जांच कर रही है, आगे की कानूनी कार्रवाई की संभावना।
- सपा ने आरोपों को राजनीतिक स्टंट और निराधार कहा।
यह मामला उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई उथल‑पुथल लेकर आया है, जहाँ दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ रहा है। आगे की जांच के परिणामों से यह स्पष्ट होगा कि क्या यह घटना वास्तविक हमला था या राजनीतिक रणनीति का हिस्सा।




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