दिवाली पर दिल्ली की हवा में गंभीर प्रदूषण, 23 इलाकों में AQI 400 से ऊपर
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दिवाली के पूर्व दिन दिल्ली की हवा ने अभूतपूर्व स्तर पर प्रदूषण दिखाया, जहाँ 23 क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 की गंभीर सीमा को पार कर गया। औसत AQI 384 के साथ राजधानी बहुत खराब श्रेणी में रही, और जहाँगीरपुरी ने 450 के रिकॉर्ड स्तर से सबसे अधिक प्रदूषित क्षेत्र का खिताब जीता।
मुख्य आंकड़े और सबसे अधिक प्रदूषित इलाके
- औसत AQI (8 नवम्बर, 07:05 बजे): 384
- कुल 23 क्षेत्रों में AQI 400+ (गंभीर श्रेणी)
- सबसे अधिक AQI: जहाँगीरपुरी – 450
- अन्य उच्च स्तर वाले इलाके: आरके पुरम (448), रोहिणी (445), पंजाबी बाग (449), एनएसआईटी द्वारका (441), आईआईआईटी दिल्ली (445), बवाना (446)
विस्तृत AQI सूची (चयनित स्टेशन)
- बवाना – 446 (गंभीर)
- बुराड़ी क्रॉसिंग – 414 (गंभीर)
- अलीपुर – 413 (गंभीर)
- सुभाष नगर/राजौरी गार्डन – 384 (बहुत खराब)
- बुराड़ी – 370 (बहुत खराब)
- आया नगर – 365 (बहुत खराब)
- बदरपुर – 349 (बहुत खराब)
- आनंद विहार – 344 (बहुत खराब)
- अशोक विहार – 323 (बहुत खराब)
पिछले 10 वर्षों में सबसे खराब स्थिति
दिवाली से एक दिन पहले दर्ज किया गया AQI, पिछले दस वर्षों में सबसे खराब स्तर है और 11 सालों में दूसरा सबसे अधिक प्रदूषित दिन माना गया। पिछले कुछ दिनों के दैनिक AQI इस प्रकार रहे:
- 7 नवम्बर: 369
- 6 नवम्बर: 382
- 5 नवम्बर: 369
- 4 नवम्बर: 377
- 3 नवम्बर: 350
- 2 नवम्बर: 324
- 1 नवम्बर: 261
मौसम पूर्वानुमान और तापमान
मौसम विभाग ने बताया कि 8 और 9 नवम्बर को प्रदूषण का स्तर और बढ़कर गंभीर श्रेणी में बना रह सकता है। तापमान में धीरे‑धीरे गिरावट की संभावना है, अगले तीन दिनों में अधिकतम 26‑28°C तक गिर सकता है। शनिवार को अधिकतम 30.5°C (सामान्य से 1°C अधिक) और न्यूनतम 16.2°C दर्ज किया गया।
पटाखों पर नियम एवं सख्त कार्रवाई
वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए केवल CSIR‑NEERI प्रमाणित ग्रीन पटाखों की अनुमति दी गई है। समय सीमा: 8 नवम्बर को सुबह 6‑7 बजे और रात 8‑10 बजे तक। अस्पताल, हेल्थ सेंटर, वृद्धाश्रम और शिक्षण संस्थानों के 300 मीटर के दायरे (साइलेंस जोन) में पटाखे जलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। बेरियम युक्त, पारंपरिक और लड़ी पटाखों पर सख्त मनाही है। उल्लंघन करने पर पटाखे जब्त, विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द और पुलिस FIR दर्ज कर अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, 9 नवम्बर से पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध फिर से लागू रहेगा।
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स्वास्थ्य पर संभावित प्रभाव
ऐसे उच्च AQI स्तर पर श्वसन संबंधी समस्याएँ, आँखों में जलन, सिरदर्द और हृदय रोगियों को जोखिम बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और रोगियों को घर में रहने, मास्क पहनने और बाहर की गतिविधियों को सीमित करने की सलाह दी है।
मुख्य बातें
- दिवाली से पहले दिल्ली में औसत AQI 384, 23 क्षेत्रों में 400+
- जहाँगीरपुरी ने 450 के साथ सबसे अधिक प्रदूषित क्षेत्र का दर्जा प्राप्त किया
- पिछले 10 वर्षों में यह सबसे खराब दिवाली पूर्व वायु स्थिति है
- मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 8‑9 नवम्बर तक गंभीर स्तर बना रह सकता है
- सिर्फ ग्रीन पटाखों की अनुमति, समय सीमा 6‑7 बजे और 8‑10 बजे
- साइलेंस जोन में पटाखे जलाना प्रतिबंधित, उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई
- उच्च प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य जोखिम, विशेष सावधानी आवश्यक




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