दिल्ली‑NCR में दिवाली से पहले वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 से ऊपर, सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता
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दिवाली के उत्सव से पहले दिल्ली‑NCR की हवा में गंभीर प्रदूषण का स्तर दर्ज किया गया है। कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार पहुँच गया, जिससे सांस लेना मुश्किल हो रहा है और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएँ बढ़ गई हैं।
वर्तमान वायु गुणवत्ता स्थिति
ट्रैफ़िक, औद्योगिक उत्सर्जन और ठंडे मौसम में धुंध के कारण दिल्ली‑NCR में प्रदूषण स्तर लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, कई मॉनिटरिंग स्टेशन पर AQI 400‑500 के बीच दर्ज किया गया, जो “भारी प्रदूषण” (Severe) श्रेणी में आता है। इस स्तर पर श्वसन रोग, हृदय‑संबंधी समस्याएँ और आँखों में जलन जैसी स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
सुप्रीम कोर्ट की प्रतिक्रिया
वायु गुणवत्ता में गिरावट को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की। कोर्ट ने कहा कि नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए त्वरित और प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए, विशेषकर दिवाली जैसे बड़े उत्सव के दौरान।
ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP‑3) का कार्यान्वयन
दिल्ली‑NCR में प्रदूषण नियंत्रण के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP‑3) पहले ही लागू किया जा चुका है। इस योजना के तहत:
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- उच्च प्रदूषण वाले क्षेत्रों में ट्रैफ़िक प्रतिबंध और वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग।
- औद्योगिक इकाइयों को उत्सर्जन मानकों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश।
- सार्वजनिक स्थानों में धूल नियंत्रण के लिए स्प्रिंकलर और हाइड्रोजन पेरॉक्साइड का उपयोग।
- नागरिकों को मास्क पहनने और बाहर कम समय बिताने की सलाह।
इन उपायों के बावजूद, AQI में उल्लेखनीय सुधार नहीं दिख रहा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मौजूदा कदम पर्याप्त नहीं हैं।
दिवाली के दौरान संभावित जोखिम
पटाखों के उपयोग से वायु में अतिरिक्त कण (PM2.5, PM10) और रासायनिक गैसें (सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड) बढ़ती हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में पटाखों का प्रयोग जारी रहा, तो AQI 500 से ऊपर भी पहुँच सकता है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य प्रभाव उत्पन्न हो सकते हैं।
स्वास्थ्य संबंधी सलाह
प्रदूषण के इस स्तर पर, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन रोगियों को बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना अनिवार्य हो, तो N95 या समान स्तर के मास्क का उपयोग करना आवश्यक है। साथ ही, घर के अंदर वेंटिलेशन को सीमित रखें और एयर प्यूरीफायर का उपयोग करने की सलाह दी जाती है।
मुख्य बातें
- दिल्ली‑NCR में कई स्थानों पर AQI 400 से ऊपर, गंभीर प्रदूषण स्तर।
- सुप्रीम कोर्ट ने स्थिति पर चिंता जताई और त्वरित कार्रवाई की मांग की।
- GRAP‑3 योजना लागू है, पर प्रभाव सीमित।
- दिवाली के दौरान पटाखों से प्रदूषण स्तर और बढ़ने की संभावना।
- स्वास्थ्य जोखिमों से बचने के लिए मास्क, घर में वेंटिलेशन सीमित करना और एयर प्यूरीफायर का उपयोग आवश्यक।
प्राधिकरणों को अब अधिक कड़े उपाय अपनाने की आवश्यकता है, ताकि दिवाली के उत्सव के दौरान नागरिकों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखा जा सके।




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