भोपाल में रैपिडो ड्राइवर की 5.50 लाख की लोन ठगी, थाने के बाहर जहर खाने से हुई मौत
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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक रैपिडो ड्राइवर ने 5.50 लाख रुपये की मुद्रा लोन ठगी के बाद थाने के बाहर जहर खा लिया और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यह मामला अशोका गार्डन थाने क्षेत्र में घटित हुआ, जहाँ पुलिस ने आरोपी पुलक सक्सेना के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया।
ठगी का पूरा परिदृश्य
40 वर्षीय नरेंद्र सिंह राजपूत, जो विदिशा निवासी हैं और पिछले दस साल से सेमरा इलाके में अपनी पत्नी के साथ रह रहे हैं, रैपिडो चलाकर अपना परिवार चलाते थे। लगभग छह साल पहले उन्हें एक व्यक्ति से संपर्क हुआ, जिसने खुद को सरकारी अधिकारी बताया और 12.50 लाख रुपये का मुद्रा लोन दिलाने का भरोसा दिया। इस भरोसे में आकर नरेंद्र ने कई किस्तों में कुल 5.50 लाख रुपये आरोपी को दे दिए, पर लोन नहीं मिला और रकम वापस नहीं की गई।
वित्तीय लेन‑देनों का विवरण
- पहले 10,500 रुपये ‘प्रक्रिया शुल्क’ के रूप में लिए गए।
- ऑनलाइन खर्च के नाम पर लगभग 25,000 रुपये अतिरिक्त माँगे गए।
- लोन मंजूर होने की बात कहकर 2.85 लाख रुपये वसूल किए।
- बाद में प्रक्रिया और अन्य खर्चों के नाम पर लगभग 2 लाख रुपये और ले लिए।
इन सभी लेन‑देनों के बाद नरेंद्र को पता चला कि आरोपी ने पैसे लेकर फरार हो गया है।
आर्थिक दबाव और आत्महत्या की घटना
ठगी के बाद नरेंद्र की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई। जमा पूंजी डूब गई और उधार देने वाले लोगों ने पैसे लौटाने का दबाव बनाया। कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस से मदद नहीं मिल पाई। बुधवार को वह फिर अशोका गार्डन थाने पहुँचा, जहाँ उसे दोपहर में टीआई (ट्रांसफर इंटर्न) से मिलने को कहा गया, पर शाम को दोबारा थाने में शिकायत दर्ज नहीं हुई। निराशा में वह थाने के बाहर जहर खा गया।
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जहर खाने के बाद उसने 13 मिनट का वीडियो बनाया, जिसमें उसने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने और दूसरों को ऐसी धोखाधड़ी से बचने की अपील की। देर रात वह अपने फोन से पत्नी को इस घटना की सूचना दी। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, पर हमीदिया अस्पताल में इलाज के दौरान गुरुवार को उसकी मौत हो गई।
पुलक सक्सेना के खिलाफ कार्रवाई
अशोका गार्डन थाने के टीआई अनुराग लाल ने बताया कि युवक ने थाने के बाहर जहर खाया और तुरंत अस्पताल ले जाया गया। प्रारम्भिक जांच में मामला मर्ग (मर्डर) के रूप में दर्ज किया गया। नरेंद्र की पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने कटारा हिल्स निवासी पुलक सक्सेना के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में ख्यानत का केस दर्ज किया। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
मुख्य बातें
- नरेंद्र सिंह राजपूत ने मुद्रा लोन के नाम पर 5.50 लाख रुपये की ठगी का शिकार हुआ।
- ठगी के बाद आर्थिक दबाव में वह थाने के बाहर जहर खा गया और अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
- पुलक सक्सेना को धोखाधड़ी और अमानत में ख्यानत के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
- मध्य प्रदेश में साइबर और आर्थिक ठगी के मामलों में वृद्धि जारी है।
यह घटना डिजिटल युग में फर्जी सरकारी योजनाओं और ऑनलाइन ठगी के खतरों को उजागर करती है, जहाँ पीड़ित अक्सर मदद के लिए उचित संस्थानों तक नहीं पहुँच पाते।




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