सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली‑NCR में 7‑8 नवंबर ग्रीन पटाखे जलाने की दो‑दिन की छूट दी
3 मिनट में पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली‑NCR में दीपावली के अवसर पर पटाखे जलाने को लेकर बड़ी राहत प्रदान की है। अदालत ने निर्धारित शर्तों के तहत प्रमाणित ग्रीन पटाखे जलाने की दो‑दिन की अनुमति दे दी है, जबकि 9 नवंबर से पूर्ण प्रतिबंध फिर से लागू हो जाएगा। यह निर्णय वायु प्रदूषण की स्थिति और लोगों की परंपराओं के बीच संतुलन बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
मुख्य बातें
- सुप्रीम कोर्ट ने 7 और 8 नवंबर को दिल्ली‑NCR में ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति दी।
- 9 नवंबर से दिल्ली‑NCR में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध फिर से लागू होगा।
- छूट केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखों तक सीमित है, जिससे धुएँ में कमी की उम्मीद है।
- निर्णय का उद्देश्य वायु प्रदूषण को नियंत्रित करते हुए दीपावली की परंपराओं को सम्मानित करना है।
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय क्यों?
दिल्ली‑NCR में पिछले वर्षों में दीपावली के दौरान वायु गुणवत्ता में गंभीर गिरावट देखी गई है। कई बार पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया, जिससे जनता में असंतोष उत्पन्न हुआ। इस बार अदालत ने पर्यावरणीय चिंताओं को ध्यान में रखते हुए, लेकिन साथ ही लोगों की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को भी महत्व दिया। इसलिए केवल ग्रीन पटाखों को ही अनुमति दी गई, जो पारंपरिक पटाखों की तुलना में कम धुआँ और कम हानिकारक रसायन उत्पन्न करते हैं।
ग्रीन पटाखे क्या हैं?
ग्रीन पटाखे ऐसे आतिशबाज़ी उत्पाद हैं जिनमें पर्यावरण‑मित्र सामग्री का प्रयोग किया जाता है। इनमें कम सल्फर, कम पोटैशियम नाइट्रेट और कम धातु‑आधारित रंगद्रव्य होते हैं, जिससे जलाने पर उत्पन्न धुएँ में कमी आती है। सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में इन उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न मानक जारी किए हैं, और अब सुप्रीम कोर्ट ने इन मानकों के आधार पर ग्रीन पटाखों को वैध माना है।
नियम एवं शर्तें
सुप्रीम कोर्ट ने इस छूट के लिए कुछ स्पष्ट शर्तें निर्धारित की हैं:
आपके लिए संबंधित खबरें
- केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखे ही जलाए जा सकते हैं।
- ज्वालामुखी, रॉकेट, फायरवर्क आदि जैसे उच्च ध्वनि वाले उपकरणों पर प्रतिबंध रहेगा।
- ज्वालामुखी और फायरवर्क के स्थान को स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित किया जाएगा।
- जिन क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता अत्यधिक खराब है, वहाँ अतिरिक्त प्रतिबंध लागू हो सकते हैं।
आगे क्या होगा?
9 नवंबर से दिल्ली‑NCR में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध फिर से लागू होगा। प्रशासन ने इस दिन के बाद सभी प्रकार के आतिशबाज़ी उत्पादों की बिक्री और उपयोग पर कड़ी कार्रवाई करने की घोषणा की है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे इस प्रतिबंध का पालन करें और पर्यावरणीय नियमों का सम्मान करें।
नागरिकों की प्रतिक्रिया
इस निर्णय पर विभिन्न वर्गों की प्रतिक्रियाएँ मिली हैं। कई लोग इसे संतुलित समाधान मानते हुए खुशी व्यक्त कर रहे हैं, जबकि कुछ पर्यावरणीय समूह अभी भी पूरी प्रतिबंध की मांग कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर ग्रीन पटाखों की उपलब्धता और सुरक्षित उपयोग के बारे में जानकारी साझा की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय दिल्ली‑NCR में दीपावली के उत्सव को पर्यावरणीय जिम्मेदारी के साथ जोड़ता है, जिससे भविष्य में भी इसी तरह के संतुलित उपायों की संभावना बढ़ती है।




टिप्पणियाँ
0