हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का दूसरा दिन: 15 जिलों में ब्लैकआउट, NH‑19 पर जनता का हंगामा
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हरियाणा में निजी कंपनी को बिजली वितरण का समानांतर (पैरेलल) लाइसेंस देने के विरोध में 40,000 बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की प्रदेशव्यापी तीन दिवसीय हड़ताल का दूसरा दिन बीत चुका है। इस दिन 15 जिलों में ब्लैकआउट बना रहा, 600 से अधिक फीडर बंद पड़े, और राष्ट्रीय राजमार्ग‑19 (NH‑19) पर जनता ने जाम करके विरोध किया।
हड़ताल का विस्तार और प्रभावित क्षेत्र
गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को लाइसेंस देने के विरोध में शुरू हुई हड़ताल, शुक्रवार को दूसरे दिन में भी जारी रही। करनाल, भिवानी, यमुनानगर और अंबाला के कई इलाकों में 28 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई। फतेहाबाद, टोहाना, कैथल, हिसार और झज्जर में लगातार बिजली बंद रहने से बैंकों, बीमा संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन पूरी तरह ठप्प हो गया।
ब्लैकआउट और फीडर ब्रेकडाउन
इंजीनियर एसोसिएशन के महासचिव रवींद्र घणघस के अनुसार, 33 kV के 118 और 11 kV के 510 से अधिक फीडर पूरी तरह ब्रेकडाउन का शिकार हैं। भिवानी में सर्वाधिक 280 फीडर बंद पड़े हैं। सरकार द्वारा व्यवस्था संभालने के लिए तैनात किए गए 1,000 ठेका कर्मचारी बेअसर साबित हो रहे हैं। कई जगहों पर हड़ताली कर्मचारियों ने बिजली की केबलों में कीलें गाड़ दीं, जिससे पूरी लाइन में फॉल्ट आ गया।
जनता का विरोध: NH‑19 पर जाम
भारी गर्मी और पानी की कमी से परेशान लोगों का सब्र अब जवाब दे चुका है। सुबह से बिजली न आने से घरों में पीने का पानी खत्म हो गया, जिससे फरीदाबाद, करनाल और गुरुग्राम में जनता ने राष्ट्रीय राजमार्ग‑19 पर चक्का जाम कर दिया। पुलिस द्वारा समझाने के बाद भी कई स्थानों पर प्रदर्शन जारी रहा; जिला उपायुक्त (DC) के सामने दोबारा प्रदर्शन किया गया, जिसे बाद में पुलिस ने सुचारू कराया।
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सरकारी प्रतिक्रिया
हरियाणा के बिजली मंत्री अनिल विज ने कहा कि हड़ताल पूरी तरह बेवजह की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) का है और इसे कानूनी रूप से कोर्ट में लड़ना होगा। विज ने कहा, “कुछ नासमझ लोग कह रहे हैं कि सरकार ने प्राइवेटाइजेशन किया है, जबकि यह फैसला सरकार का नहीं बल्कि विनियामक आयोग का है। जिन्हें समझ नहीं है, उन्हें पहले एक्ट पढ़ लेना चाहिए।”
संगठनों का समर्थन
संयुक्त किसान मोर्चा, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों (CITU, AITUC, INTUC) ने हड़ताल का समर्थन करते हुए कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किए। इलेक्ट्रिसिटी इम्प्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सुभाष लांबा और ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे ने निजीकरण का कड़ा विरोध किया और कर्मचारियों की मांगों को जायज ठहराया।
मुख्य बातें
- हरियाणा में 40,000 बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल का दूसरा दिन जारी।
- 15 जिलों में ब्लैकआउट, 600 से अधिक फीडर बंद।
- NH‑19 पर जनता ने जाम करके विरोध किया, कई स्थानों पर पुलिस को समझाना पड़ा।
- बिजली मंत्री अनिल विज ने हड़ताल को बेवजह कहा और कानूनी लड़ाई की बात की।
- किसान और ट्रेड यूनियन संगठनों ने हड़ताल का समर्थन किया।




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