पापांकुश एकादशी व्रत पारण: 23 अक्टूबर को पंचक का साया, कब खोलें?
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22 अक्टूबर को पापांकुश एकादशी का व्रत रखा गया और अगले दिन, 23 अक्टूबर को इसका पारण किया जाएगा। इस वर्ष पंचक का साया भी इस अवधि में रहेगा, जिससे कई श्रद्धालुओं में व्रत खोलने के समय को लेकर भ्रम उत्पन्न हुआ है। नीचे विस्तृत जानकारी दी गई है।
पापांकुश एकादशी का महत्व
आश्विन मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली पापांकुश एकादशी को पापों पर अंकुश लगाने वाली एकादशी माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के रूप पद्मनाभ की पूजा की जाती है।
पंचक का समय
अक्टूबर 2026 में पंचक बुधवार, 21 अक्टूबर को सुबह 7:00 बजे शुरू होकर रविवार, 25 अक्टूबर को शाम 7:22 बजे समाप्त होगा। पापांकुश एकादशी का पारण 23 अक्टूबर को है, इसलिए यह पंचक के भीतर आता है।
पंचक का व्रत पर प्रभाव
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पंचक का व्रत या पारण पर कोई प्रत्यक्ष असर नहीं पड़ता। इसलिए आप केवल द्वादशी तिथि का ध्यान रखकर व्रत खोल सकते हैं।
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पारण का शुभ समय
- पारण का समय: सुबह 06:27 बजे से 08:42 बजे तक
- द्वादशी तिथि समाप्त: 23 अक्टूबर को दोपहर 02:35 बजे तक
व्रत पारण के आवश्यक नियम
- स्नान और पूजा: द्वादशी के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और भगवान विष्णु की विधि‑विधान से पूजा करें।
- तुलसी दल: पारण के समय भगवान को अर्पित किया गया तुलसी दल और चरणामृत ग्रहण करें।
- दान‑पुण्य: व्रत खोलने से पहले जरूरतमंद या ब्राह्मण को अन्न, वस्त्र या दक्षिणा का दान दें।
- सात्विक भोजन: दान‑पुण्य के बाद नमक‑रहित या सात्विक भोजन ग्रहण करके व्रत खोलें।
मुख्य बातें
- पापांकुश एकादशी का व्रत 22 अक्टूबर को रखा गया, पारण 23 अक्टूबर को है।
- पंचक 21 अक्टूबर सुबह 7:00 बजे से 25 अक्टूबर शाम 7:22 बजे तक रहेगा, पर इसका व्रत पर कोई असर नहीं।
- पारण का शुभ समय सुबह 06:27 बजे से 08:42 बजे तक है।
- द्वादशी तिथि 23 अक्टूबर को दोपहर 02:35 बजे समाप्त होती है; इस समय से पहले व्रत खोलें।
- स्नान, पूजा, तुलसी दल, दान‑पुण्य और सात्विक भोजन व्रत खोलने के मुख्य नियम हैं।
यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य ज्ञान पर आधारित है; GBNEWS India इसकी पुष्टि नहीं करता।




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