नोएडा में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए 60 मॉनिटरिंग केंद्र और 34 विशेष टीमें तैनात
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दिल्ली‑NCR में सर्दियों के दस्तक देते ही वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने तेज कदम उठाए हैं। नोएडा‑ग्रेटर नोएडा में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत 60 मॉनिटरिंग केंद्र और 34 विशेष टीमों की तैनाती की गई है, जिससे प्रदूषण स्तर बढ़ते ही तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी।
GRAP‑1 के तहत लागू प्रमुख उपाय
GRAP‑1 के तहत वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुँचते ही कई चरणों में कड़ी पाबंदियां लागू की जाती हैं। नोएडा‑ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस योजना के तहत निम्नलिखित प्रमुख उपायों को लागू किया है:
- मॉनिटरिंग स्टेशनों की संख्या 47 से बढ़ाकर 60 कर दी गई।
- नियम उल्लंघन, खुले में कचरा जलाने और निर्माण स्थलों पर धूल उड़ाने वालों पर जुर्माना लगाने के लिए 34 विशेष टीमों को मैदान में तैनात किया गया।
- एआई‑आधारित सेंट्रल कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (AI‑Control Center) के माध्यम से विभागीय तालमेल बढ़ाया गया, जिससे शिकायतों का त्वरित निस्तारण संभव हो सके।
निर्माण एवं तोड़‑फोड़ (C&D) कार्यों पर प्रतिबंध
वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुँचते ही निर्माण एवं तोड़‑फोड़ कार्यों पर एंटी‑स्मॉग गन का उपयोग अनिवार्य किया जाएगा। साथ ही सड़कों की मशीनी सफाई और पानी का छिड़काव तेज किया जाएगा।
डिज़ल जनरेटर और औद्योगिक इकाइयों पर अतिरिक्त प्रतिबंध
GRAP‑1 के अगले चरण में डीज़ल जनरेटर के उपयोग, प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों और धुएँ वाले वाहनों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगेंगे। वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुँचने पर वाहनों की आवाज़ाही और प्राथमिक स्कूलों की कक्षाओं को ऑनलाइन करने जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
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वर्तमान वायु गुणवत्ता स्थिति
अक्टूबर 2026 की शुरुआत में ग्रेटर नोएडा का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 274 दर्ज किया गया, जो पिछले साल की समान तिथि (AQI 248) से अधिक है। बीते वर्षों में सर्दियों के दौरान नोएडा का AQI 397 के खतरनाक स्तर तक पहुँच चुका है, जिससे प्रारम्भिक स्तर से ही कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता महसूस की गई।
पूरे NCR में GRAP‑1 के प्रभाव
दिल्ली में GRAP‑1 लागू होते ही पूरे दिल्ली‑NCR में पाबंदियों का दायरा बढ़ गया है। 1 नवंबर के बाद BS‑6 से नीचे के डीज़ल/पेट्रोल वाहनों पर कड़े नियम लागू रहेंगे। नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, यातायात पुलिस और प्राधिकरण मिलकर सड़कों की धूल, खुले में कचरा जलाने और धुआँ छोड़ते वाहनों पर संयुक्त कार्रवाई करेंगे।
मुख्य बातें
- नोएडा‑ग्रेटर नोएडा में मॉनिटरिंग केंद्र 47 से बढ़कर 60 किए गए।
- 34 विशेष टीमें निर्माण स्थल, खुले में जलाने और नियम उल्लंघन पर कार्रवाई के लिए तैनात।
- एआई‑आधारित कंट्रोल सेंटर से शिकायतों का त्वरित निस्तारण।
- वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर निर्माण‑तोड़फोड़ पर एंटी‑स्मॉग गन अनिवार्य, सड़कों की सफाई तेज।
- डिज़ल जनरेटर, औद्योगिक इकाइयों और धुएँ वाले वाहनों पर अतिरिक्त प्रतिबंध।
- ग्रेटर नोएडा का AQI 18 अक्टूबर 2026 को 274, पिछले साल 248।
- दिल्ली‑NCR में BS‑6 से नीचे के डीज़ल/पेट्रोल वाहनों पर 1 नवंबर से कड़े नियम।
इन उपायों का उद्देश्य वायु गुणवत्ता को सुधरना और नागरिकों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखना है। प्रशासन ने कहा है कि यदि AQI फिर भी खतरनाक स्तर पर पहुँचता है, तो अतिरिक्त प्रतिबंध और उपाय तुरंत लागू किए जाएंगे।




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