एफएसएसएआई ने नेस्ले इंडिया और जायडस वेलनेस को भ्रामक विज्ञापन के लिए नोटिस जारी
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भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने नेस्ले इंडिया और जायडस वेलनेस को उनके कुछ उत्पादों के विज्ञापनों में भ्रामक दावों के आरोप में औपचारिक नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में दोनों कंपनियों से मांगा गया है कि वे अपने दावों के समर्थन में वैज्ञानिक सबूत प्रस्तुत करें।
नोटिस का मुख्य बिंदु
एफएसएसएआई ने बताया कि नेस्ले और जायडस वेलनेस के विज्ञापनों में कुछ स्वास्थ्य लाभों के दावे बिना पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण के किए गए हैं। इस कारण उपभोक्ताओं को गलत जानकारी मिल सकती है, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
कंपनियों से मांगी गई जानकारी
- विज्ञापनों में किए गए सभी स्वास्थ्य संबंधी दावों के लिए वैध वैज्ञानिक अध्ययन या क्लिनिकल डेटा।
- उपयोग किए गए परीक्षण विधियों की विस्तृत विवरण।
- यदि कोई दावे बाजार में उपलब्ध अन्य प्रमाणों पर आधारित हैं, तो उनका स्रोत।
मुख्य बातें
- एफएसएसएआई ने नेस्ले इंडिया और जायडस वेलनेस को नोटिस भेजा।
- विज्ञापनों में भ्रामक स्वास्थ्य दावों का आरोप।
- वैज्ञानिक सबूत प्रस्तुत करने की मांग।
- उपभोक्ता संरक्षण के उद्देश्य से कार्रवाई।
प्रभाव और आगे की कार्रवाई
यदि कंपनियां निर्धारित समय में आवश्यक प्रमाण नहीं प्रस्तुत करती हैं, तो एफएसएसएआई के पास विज्ञापनों को रोकने, दंड लगाने या उत्पादों को बाजार से हटाने की शक्ति है। यह कदम उपभोक्ताओं को सटीक और भरोसेमंद जानकारी प्रदान करने के लिए उठाया गया है।
उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे उत्पादों के लेबल और विज्ञापनों में दिये गए दावों को सावधानी से पढ़ें और यदि कोई दावे अत्यधिक आशाजनक लगें तो अतिरिक्त जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करें।




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