आकाश अंबानी ने जियो को टेक कंपनी घोषित किया, आईपीओ से 30,200 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य
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जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने मंगलवार को एक पीटीआई-भाषा साक्षात्कार में कहा कि जियो केवल दूरसंचार इकाई नहीं, बल्कि एक प्रौद्योगिकी कंपनी है। उन्होंने बताया कि कंपनी का भविष्य‑दृष्टि दूरसंचार से आगे प्रौद्योगिकी, कृत्रिम मेधा (एआई) और क्लाउड सेवाओं पर केंद्रित है।
आईपीओ के माध्यम से 30,200 करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग
जियो प्लेटफॉर्म्स का लक्ष्य आईपीओ के जरिए 30,200 करोड़ रुपये से अधिक जुटाना है, जिससे कंपनी का वैल्यूएशन लगभग 108 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग 9,000 करोड़ रुपये) तक पहुँच जाएगा। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) माना जा रहा है। आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा, कीमत का दायरा 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।
जियो का मौजूदा ग्राहक आधार और डेटा उपयोग
जियो का 5जी कोर नेटवर्क, क्लाउड‑आधारित रेडियो नेटवर्क और सॉफ्टवेयर मंच कंपनी ने स्वयं विकसित किया है। यह नेटवर्क 53.33 करोड़ ग्राहकों को सेवा प्रदान करता है, जहाँ प्रत्येक ग्राहक औसतन हर महीने 43.7 GB डेटा उपयोग करता है।
टेक विस्तार के प्रमुख क्षेत्रों में निवेश
आकाश अंबानी ने बताया कि जियो के वृद्धि अवसर मोबाइल सर्विसेज, होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज डिजिटल सॉल्यूशंस, एआई, क्लाउड और भविष्य की 6जी तकनीक में फैले हुए हैं। कंपनी ने उपग्रह कनेक्टिविटी और अगली पीढ़ी की 6जी तकनीक को भी दीर्घकालिक वृद्धि क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया है।
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वित्तीय संकेतक
वित्त वर्ष 2025‑26 में जियो का नेट डेट‑ईबीआईटीडीए अनुपात 0.36 गुना रहा, जबकि 2023‑24 में यह 0.88 गुना था, जिससे 5जी, ब्रॉडबैंड, एआई और क्लाउड में निवेश के लिए अधिक वित्तीय गुंजाइश मिलती है।
पेटेंट और तकनीकी क्षमताएँ
जियो ने अब तक 7,220 पेटेंट आवेदन दाखिल किए हैं और 2025 में विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (डब्ल्यूआईपीओ) की पेटेंट सहयोग संधि (पीसीटी) रैंकिंग में शीर्ष 20 कंपनियों में जगह बनाई। कंपनी के फुल‑टाइम वर्कफ़ोर्स का लगभग 45 % (12,477 कर्मचारी) डिजिटल प्रोडक्ट्स और टेक डेवलपमेंट में कार्यरत है।
रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षण
इस आईपीओ में रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक और पात्र कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये तक का आरक्षण शामिल है। शुद्ध पेशकश का कम से कम 35 % हिस्सा खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों के लिए उपलब्ध रहेगा।
ग्लोबल टेक साझेदारियाँ
जियो गूगल, मेटा और रिलायंस एंटरप्राइज इंटेलिजेंस के साथ मिलकर एआई‑प्रो प्लान जैसे उत्पाद लॉन्च कर रहा है। जियो उपयोगकर्ताओं को 18 महीनों के लिए बिना अतिरिक्त लागत के गूगल का एआई प्रो प्लान दिया जाएगा। कंपनी विदेश में भी स्थानीय परिचालकों के साथ साझेदारी के माध्यम से प्रौद्योगिकी व्यवसाय का विस्तार करने की योजना बना रही है।
मुख्य बातें
- जियो प्लेटफॉर्म्स का लक्ष्य आईपीओ से 30,200 करोड़ रुपये से अधिक जुटाना, वैल्यूएशन 108 अर्ब डॉलर।
- कंपनी 5जी, क्लाउड, एआई और 6जी तकनीक में निवेश करेगी।
- 53.33 करोड़ ग्राहकों को सेवा, औसत डेटा उपयोग 43.7 GB/माह।
- वित्त वर्ष 2025‑26 में नेट डेट‑ईबीआईटीडीए 0.36 गुना, 2023‑24 में 0.88 गुना।
- 7,220 पेटेंट आवेदन, डब्ल्यूआईपीओ रैंकिंग में शीर्ष 20।
- रिटेल निवेशकों के लिए 35 % शेयर आरक्षित, कीमत 1,065‑1,119 रुपये/शेयर।
- गूगल एआई प्रो प्लान 18 महीने मुफ्त, मेटा एवं रिलायंस एंटरप्राइज इंटेलिजेंस के साथ सहयोग।




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