भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता 20 अक्टूबर से लागू, सभी उत्पादों को शून्य शुल्क
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वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 20 अक्टूबर से प्रभावी हो जाएगा। इस समझौते के तहत चमड़ा, जूते‑चप्पल, परिधान और कपड़ा जैसे श्रम‑गहन क्षेत्रों सहित लगभग सभी भारतीय उत्पादों को न्यूजीलैंड के बाजार में शून्य शुल्क पर निर्यात करने की सुविधा मिलेगी।
मुख्य प्रावधान और लाभ
- सभी भारतीय निर्यातित वस्तुओं पर शून्य शुल्क, केवल डेयरी, प्याज, चना, मटर, मक्का, बादाम, कृत्रिम शहद, वसा‑तेल और चीनी को बाहर रखा गया है।
- न्यूजीलैंड को भारतीय बाजार में 1.4 अरब की जनसंख्या वाले उपभोक्ता वर्ग तक पहुँच मिलेगी।
- न्यूजीलैंड ने 118 सेवा क्षेत्रों में भारतीय सेवा प्रदाताओं को बाजार खोलने पर सहमति जताई, जिसमें आईटी, पेशेवर सेवाएँ, दूरसंचार, निर्माण, शिक्षा, वित्तीय सेवाएँ और पर्यटन शामिल हैं।
- अगले 15 वर्षों में न्यूजीलैंड से भारत में लगभग 20 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आकर्षित करने की संभावना।
व्यापार के प्रमुख क्षेत्रों पर प्रभाव
FTA से भारत के फल‑सब्जियाँ, कॉफी, चाय, कोको, मसाले, अनाज, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, वस्त्र, चमड़ा, जूते, दवा, इंजीनियरिंग सामान, समुद्री उत्पाद, प्लास्टिक और रबड़ जैसे क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। इन उत्पादों की निर्यात लागत में कमी से भारतीय निर्यातकों को व्यापक अवसर प्राप्त होंगे।
न्यूजीलैंड के लिए भारत का नया निर्यात गंतव्य
जैसे ही समझौता लागू होगा, न्यूजीलैंड भारत का 140वां निर्यात गंतव्य बन गया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने जेसीबी इंडिया के छोटे एक्सकेवेटर को निर्यात करने वाले कंपनी को हरी झंडी दिखाते हुए कहा कि कंपनी भारत के कुल उत्पादन का 25 % विभिन्न देशों को निर्यात करती है और इसे 50 % तक बढ़ाने का लक्ष्य है।
सेवा और निवेश के अवसर
न्यूजीलैंड ने भारतीय सेवा प्रदाताओं को 118 उप‑सेवा क्षेत्रों में प्रवेश की अनुमति दी है, जिससे आईटी, पेशेवर सेवाएँ, दूरसंचार, निर्माण, शिक्षा, वित्तीय सेवाएँ और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों की पहुँच बेहतर होगी। भारत के लिए शुल्क‑रहित प्रवेश का प्रतिशत 70 % है, जबकि न्यूजीलैंड 100 % रियायत दे रहा है।
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भविष्य की चुनौतियाँ
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि इस समझौते को ठोस आर्थिक लाभ में बदलना मुख्य चुनौती होगी। दोनों देशों को निर्यात‑आधारित उद्योगों को प्रतिस्पर्धी बनाते हुए गुणवत्ता मानकों को बनाए रखना होगा।
मुख्य बातें
- FTA 20 अक्टूबर, 2024 को लागू होगा।
- लगभग सभी भारतीय उत्पादों को न्यूजीलैंड में शून्य शुल्क मिलेगा, कुछ संवेदनशील वस्तुओं को छोड़कर।
- अगले 15 साल में 20 अर्ब USD का निवेश आकर्षित करने की उम्मीद।
- न्यूजीलैंड को भारतीय बाजार में 1.4 अरब जनसंख्या तक पहुँच मिलेगी।
- 118 सेवा क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों को बाजार खोलने की अनुमति।




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