जौनपुर नवरात्रि पंडाल में करंट से 7 साल के बच्चे की मौत, डीएम ने सभी पंडालों की सुरक्षा जांच का आदेश
3 मिनट में पढ़ें

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के केराकत थाना क्षेत्र के कटहरा गांव में नवरात्रि उत्सव के प्रथम दिन हुई एक दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना दिया। दुर्गा पंडाल में स्थापित बिजली लाइन से करंट लगने से 7 साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई।
घटना का विवरण
घटना रविवार की शाम प्रथम नवरात्रि आरती के दौरान हुई। पंडाल में रोशनी के लिये बिछाई गई बिजली लाइन किसी कारणवश पंडाल के लोहे के खंभों को छू रही थी। आरती के दौरान जब लोग पंडाल के भीतर खड़े होकर मां भगवती की आरती कर रहे थे, तब 7 वर्षीय बच्चा पोल पकड़ने के लिये आगे बढ़ा और उसी समय करंट की चपेट में आ गया। बच्चे को तुरंत आसपास के लोगों ने पोल से अलग किया और नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्चे का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी।
डीएम की प्रतिक्रिया और आदेश
जौनपुर के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) सैमुअल पॉल एन ने घटना को संज्ञान में लेते हुए तुरंत सभी दुर्गा पंडालों की जांच का आदेश दिया। उन्होंने दो दिनों के भीतर फायर सेफ्टी, इलेक्ट्रिकल सुरक्षा और अन्य मानकों की जाँच करवाई जाने की निर्देश दिया। डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में कोई भी दुर्गा पंडाल बिना एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) के संचालित नहीं किया जा सकता। एनओसी जारी करने की प्रक्रिया के लिये संबंधित एसडीएम को अधिकृत किया गया।
आपके लिए संबंधित खबरें
सरकारी सहायता का आश्वासन
घटना पर शोक व्यक्त करते हुए डीएम सैमुअल पॉल एन ने पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की त्रासदी दोबारा न हो, इसके लिये आवश्यक सभी कदम उठाए जाएंगे।
मुख्य बातें
- कटहरा गांव में नवरात्रि की प्रथम आरती के दौरान दुर्गा पंडाल में करंट लगने से 7 साल के बच्चे की मौत हुई।
- बिजली लाइन पंडाल के लोहे के खंभों को छू रही थी, जिससे करंट का जोखिम बना।
- पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया और पोस्टमार्टम के लिये शव को भेजा।
- डीएम सैमुअल पॉल एन ने सभी पंडालों में फायर सेफ्टी और एनओसी की जांच का आदेश दिया।
- पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया गया।
यह घटना नवरात्रि जैसे धार्मिक उत्सव में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के गंभीर परिणामों को उजागर करती है। स्थानीय प्रशासन और आयोजकों को भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से बचने के लिये आवश्यक तकनीकी और नियामक उपायों को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है।




टिप्पणियाँ
0