ओम प्रकाश राजभर ने विपक्ष के वोट‑चोरी आरोपों को खारिज किया, कहा इंडिया गठबंधन ‘दगे हुए कारतूस’
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उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आज मीडिया से बात करते हुए विपक्ष के वोट‑चोरी आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि जनता ने इंडिया गठबंधन को नकार दिया है और विपक्ष के पास इस आरोप को सिद्ध करने के लिये कोई सबूत नहीं है।
विपक्ष के आरोप और राजभर का जवाब
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने लगातार सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ वोट‑चोरी का मुद्दा उठाया है। वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की तैयारी कर रहे हैं। इस बीच, राजभर ने कहा कि विपक्ष के पास “वोट चोरी के कोई सबूत नहीं” है और उनका दावा “झूठ” है।
इंडिया गठबंधन पर तीखा तंज
राजभर ने कहा, “इंडिया गठबंधन के लोग दगे हुए कारतूस हैं” और यह भी कहा कि “जनता ने इस गठबंधन को नकार दिया है”। उन्होंने यह तंज भी लगाया कि गठबंधन के कुछ नेता “स्वर्ग और नरक” में थे, फिर भी उनका नाम मतदाता सूची में था, जिससे फर्जी मतदान की संभावना बनी रहती थी। उन्होंने यह भी बताया कि अब मृत व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, जिससे फर्जी मतदान की संभावना कम हो गई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की रक्षा
राजभर ने ज्ञानेश कुमार के एक साल से मुख्य चुनाव आयुक्त पद पर रहने को बताया और कहा कि उन्होंने वही प्रक्रिया अपनाई है जो 1952 से चल रही है। उन्होंने कहा, “SIR (सिस्टम इंटेग्रेटेड रजिस्टर) का काम नया नहीं है, यह वही पुरानी प्रक्रिया है जो हमेशा से लागू रही है”। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि विपक्ष के प्रदर्शन का मूल कारण फर्जी मतदान के डर से नहीं, बल्कि राजनीतिक कारणों से है।
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विपक्ष के प्रदर्शन का कारण
विपक्ष ने “SIR” (सिस्टम इंटेग्रेटेड रजिस्टर) को लेकर प्रदर्शन किया है, लेकिन राजभर ने कहा कि यह प्रक्रिया 1952 से ही लागू है और इसमें कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि “फर्जी मतदान करने वालों को अब यह चिंता है कि वे किसके नाम पर वोट डालेंगे, इसलिए ही वे प्रदर्शन कर रहे हैं”।
विपक्ष के प्रमुख नेताओं की स्थिति
राजभर ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पिछले 10 साल से उत्तर प्रदेश की सत्ता से बाहर हैं, जबकि कांग्रेस 30 साल से और बंगाल में कांग्रेस 40 साल से सत्ता से बाहर है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में इन पार्टियों की सरकारें पहले ही समाप्त हो चुकी हैं।
मुख्य बातें
- ओम प्रकाश राजभर ने विपक्ष के वोट‑चोरी आरोपों को झूठा कहा।
- विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है और सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की योजना बनाई है।
- राजभर ने कहा कि जनता ने इंडिया गठबंधन को नकार दिया है और गठबंधन के लोग “दगे हुए कारतूस” हैं।
- वोट‑चोरी के कोई सबूत नहीं होने के कारण राजभर ने विपक्ष पर झूठ बोलने का आरोप लगाया।
- ज्ञानेश कुमार ने वही प्रक्रिया अपनाई है जो 1952 से चल रही है; SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है।
- विपक्ष के प्रदर्शन का कारण फर्जी मतदान का डर नहीं, बल्कि राजनीतिक कारण बताया गया।
निष्कर्ष
वोट‑चोरी के आरोपों पर ओम प्रकाश राजभर का बयान उत्तर प्रदेश में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा रहा है। जबकि विपक्ष इस मुद्दे को लेकर अदालत तक जाने की तैयारी कर रहा है, सरकार के पक्ष में यह स्पष्ट हो रहा है कि वे इस आरोप को बिना सबूत के खारिज कर रहे हैं। आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले को कैसे देखती है और चुनाव आयोग के कदम क्या होते हैं।




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