असदुद्दीन ओवैसी ने आज़मगढ़ में SIR मुद्दे पर अखिलेश यादव को किया सवाल
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असदुद्दीन ओवैसी, AIMIM के प्रमुख, ने आज़मगढ़ में आयोजित जनसभा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव को सीधे सवाल किया। उन्होंने कहा कि जब वोटरों के नाम हटाने की खबरें सामने आईं, तो PDA के मसीहा ने क्या किया, इस पर स्पष्ट जवाब माँगा।
SIR पर उठाए गए सवाल
ओवैसी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में SIR के बाद लगभग एक हजार नाम हटाए गए हैं। इस संदर्भ में उन्होंने अखिलेश यादव से पूछा कि सपा ने इन हटाए गए नामों को बचाने के लिए क्या कदम उठाए। ओवैसी ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ने हैदराबाद और तेलंगाना में बड़ी संख्या में लोगों को मतदाता सूची में दर्ज करवाने में मदद की, और वह विरोधी दलों के उम्मीदवारों को भी सूची में नाम जोड़ने के लिए प्रेरित करती रही।
PDA के मसीहा का उल्लेख
जनसभा में ओवैसी ने “PDA के मसीहा” शब्द का प्रयोग कर समाजवादी पार्टी के नेतृत्व पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर सपा ने वोटरों के नाम बचाने में पर्याप्त प्रयास नहीं किए, तो यह उनके राजनीतिक इरादों पर संदेह उत्पन्न करता है। इस दौरान उन्होंने भाजपा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की राजनीति पर भी निशाना साधा, यह दर्शाते हुए कि SIR मुद्दा केवल एक पार्टी तक सीमित नहीं है।
गठबंधन की संभावना
4 अक्टूबर को भिनगा, श्रावस्ती में एक और जनसभा में ओवैसी ने भाजपा को लगातार तीसरी बार उत्तर प्रदेश में सत्ता में आने से रोकने के लिए सपा के साथ गठबंधन की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा कि यदि सपा इस प्रस्ताव को ठुकराती है, तो AIMIM अकेले चुनावी मुकाबले के लिए तैयार है। गठबंधन को “कमजोरी” नहीं, बल्कि “राजनीतिक ताकत और हिम्मत” के रूप में प्रस्तुत किया गया।
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आर्थिक असमानता पर फोकस
ओवैसी ने उत्तर प्रदेश सरकार के अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी विभाग के 2024‑25 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि आज़मगढ़ के कई जिलों में गरीबी की दर बहुत अधिक है, और यह राज्य के चौथे सबसे गरीब क्षेत्रों में आता है। उन्होंने कहा कि राजनीति को अब धार्मिक विभाजन के बजाय गरीबी और आर्थिक असमानता पर केंद्रित होना चाहिए।
99 प्रतिशत बनाम 1 प्रतिशत का बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के “80 प्रतिशत बनाम 20 प्रतिशत” के राजनीतिक विमर्श को चुनौती देते हुए ओवैसी ने कहा कि वास्तविक मुकाबला “99 प्रतिशत बनाम 1 प्रतिशत” का होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और योगी आदित्यनाथ केवल एक प्रतिशत लोगों के साथ खड़े हैं, जबकि वह 99 प्रतिशत आम लोगों की बात कर रहे हैं।
मुख्य बातें
- Oवैसी ने आज़मगढ़ में SIR (मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर अखिलेश यादव पर सवाल उठाए।
- उनका दावा है कि SIR के बाद लगभग एक हजार नाम हटाए गए हैं।
- AIMIM ने हैदराबाद‑तेलंगाना में बड़े पैमाने पर मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने में मदद की।
- ओवैसी ने सपा के साथ गठबंधन की इच्छा जताई, यदि सपा अस्वीकार करे तो अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी।
- राजनीति को अब आर्थिक असमानता और गरीबी पर केंद्रित होना चाहिए, धार्मिक विभाजन नहीं।
- ओवैसी ने “99 प्रतिशत बनाम 1 प्रतिशत” का राजनीतिक फ्रेम पेश किया, जिससे सत्ता में मौजूद छोटे वर्ग की तुलना आम जनता से की गई।
इन बयानों के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई गतिशीलता उत्पन्न हो सकती है, विशेषकर मतदाता सूची के पुनरीक्षण और गठबंधन की संभावनाओं के संदर्भ में। आगे की घटनाओं पर नज़र रखी जाएगी।




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