जेलेंस्की ने ट्रंप के रूसी डीजल समझौते को ‘कमजोर फैसला’ कहा, रूस को अतिरिक्त फंड मिलने की चिंता
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी डीजल की आपूर्ति पर लगे प्रतिबंधों को हटाने का निर्णय लिया, जबकि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस कदम को ‘कमजोर फैसला’ करार दिया। दोनों देशों के बीच ऊर्जा‑संबंधी समझौते के पीछे की राजनीतिक और आर्थिक तर्कों को समझना आवश्यक है।
संयुक्त राज्य की नई घोषणा
अमेरिका ने शुक्रवार को घोषणा की कि 7 अप्रैल 2027 तक रूसी डीजल की बिक्री पर लगी सभी प्रतिबंधों को हटा दिया गया है। यह घोषणा अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने की, जिसमें बताया गया कि रूसी हानिकारक विदेशी गतिविधियों से जुड़े प्रतिबंध नियमों के तहत डीजल की बिक्री, डिलीवरी, अनलोडिंग या आयात से संबंधित सभी लेन‑देन को मंजूरी दी गई है।
ट्रम्प का डीजल सप्लाई शेड्यूल
ट्रम्प ने पहले बताया था कि रूस तुरंत 3 लाख टन से अधिक डीजल की सप्लाई करेगा, उसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन की आपूर्ति होगी। बाद में उन्होंने ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा कि रिफाइनरियों की क्षमता के आधार पर कुल 30 लाख टन तक डीजल की सप्लाई की संभावना है।
जेलेंस्की की तीखी प्रतिक्रिया
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इस समझौते को ‘कमजोर फैसला’ कहा और कहा कि वार्ताकारों को ‘धोखे के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है’। उन्होंने यह भी कहा कि पुतिन को गिफ्ट देने से दुनिया को शांति या कोई लाभ नहीं मिलेगा। जेलेंस्की का मानना है कि रूसी पेट्रोलियम प्रोडक्ट की बिक्री से मॉस्को को अतिरिक्त फंड मिलेगा, जिससे वह यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी रख सकेगा।
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जेलेंस्की का तर्क
- रूस को डीजल की आय से युद्ध वित्तपोषण के लिए अतिरिक्त संसाधन मिलेंगे।
- संयुक्त राज्य की इस नीति से यूक्रेन की रक्षा क्षमता कमजोर हो सकती है।
- वार्ताकारों को यूक्रेन के हितों के बजाय रूसी हितों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
पृष्ठभूमि: डीजल की वैश्विक आपूर्ति संकट
यूक्रेन द्वारा रूसी रिफाइनरियों पर हुए हमलों के बाद दुनिया भर में डीजल की कीमतें बढ़ गईं। साथ ही सऊदी अरब में हूथी मिलिशिया द्वारा रिफाइनरियों पर हमले ने ईंधन की आपूर्ति को और घटा दिया। इन परिस्थितियों में ऊर्जा की कीमतों में उछाल आया, जिससे कई देशों को आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ा।
राजनीतिक दबाव और मध्यावधि चुनाव
नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले ट्रम्प पर ईंधन की कीमतें कम करने का राजनीतिक दबाव था। इस संदर्भ में डीजल की सप्लाई को बढ़ावा देना एक रणनीतिक कदम माना गया।
आगे क्या हो सकता है?
रूसी डीजल की आपूर्ति पर प्रतिबंध हटाने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में नई गतिशीलता आएगी। यूक्रेन की ओर से इस कदम के खिलाफ कूटनीतिक विरोध जारी रहेगा, जबकि अमेरिकी प्रशासन इसे आर्थिक स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा के पहलू से देख रहा है। भविष्य में इस समझौते के प्रभाव को देखना होगा कि क्या यह रूसी आर्थिक स्थिति को मजबूत करता है या वैश्विक ऊर्जा कीमतों में स्थिरता लाता है।
मुख्य बातें
- अमेरिका ने 7 अप्रैल 2027 तक रूसी डीजल पर सभी प्रतिबंध हटा दिए।
- ट्रम्प ने डीजल की आपूर्ति के चरणबद्ध शेड्यूल का उल्लेख किया: 3 लाख टन, 5 लाख टन, 10 लाख टन और संभावित 30 लाख टन।
- जेलेंस्की ने इस कदम को ‘कमजोर फैसला’ करार दिया और कहा कि यह मॉस्को को युद्ध जारी रखने के लिए फंड देगा।
- डिजल की वैश्विक कीमतें यूक्रेन‑रूस संघर्ष और सऊदी अरब में रिफाइनरी हमलों के कारण बढ़ी थीं।
- नवंबर के अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले ऊर्जा कीमतों को नियंत्रित करने का राजनीतिक दबाव ट्रम्प पर था।




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