47 KM का सफर, चलती स्लीपर बस में नाबालिग से गैंगरेप… दिल्ली पुलिस ने दाखिल की 400 पन्नों की चार्जशीट
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ग्रेटर नोएडा के परी चौक से दिल्ली के कश्मीरी गेट तक चलती स्लीपर बस में 17 साल की नाबालिग पर गैंगरेप का आरोप सामने आया। इस घटना की पूरी जाँच के बाद दिल्ली पुलिस ने 50 अभियोजन गवाहों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट और कई अन्य साक्ष्यों को सम्मिलित कर 400 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट तीस हजारी कोर्ट में दाखिल की।
घटना का क्रम
पुलिस के अनुसार, 4 अगस्त को नाबालिग ने ग्रेटर नोएडा के परी चौक से दिल्ली जाने के लिए स्लीपर बस में सवार हुई। बस सेक्टर‑63 होते हुए नोएडा से गुजरती हुई कश्मीरी गेट की ओर बढ़ी। इस दौरान बस के कंडक्टर संदीप और चालक कुलदीप ने नाबालिग के साथ अश्लील हरकतें कीं और विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी।
आरोप है कि दोनों ने चलती बस में गैंगरेप किया और फिर नाबालिग को कश्मीरी गेट ISBT के पास बस से उतार दिया। इसके बाद आरोपी बस को तिमारपुर की बस पार्किंग में खड़ा कर वहाँ से चले गए। नाबालिग ने तुरंत कश्मीरी गेट मेट्रो थाना में जाकर पुलिस को पूरी घटना की सूचना दी, जिससे FIR दर्ज कर जांच शुरू हुई।
जाँच और साक्ष्य
जाँच के दौरान पुलिस ने CCTV फुटेज की मदद से वारदात वाली बस की पहचान की। पीड़िता के बयान, गवाहों की गवाही और फॉरेंसिक रिपोर्ट को मिलाकर 50 अभियोजन गवाहों के बयान चार्जशीट में शामिल किए गए।
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पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 6 तथा BNS (बॉयलर‑सुरक्षा‑नियम) की संबंधित धाराओं में भी चार्ज लगाया।
चार्जशीट का विवरण
तीस हजारी कोर्ट ने 400 पन्नों की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए मामले की न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। चार्जशीट में शामिल मुख्य बिंदु हैं:
- घटना का स्थान: ग्रेटर नोएडा (परी चौक) से दिल्ली (कश्मीरी गेट) तक 47 किमी की स्लीपर बस
- पीड़िता: 17 वर्षीया नाबालिग
- आरोपी: चालक कुलदीप और कंडक्टर संदीप
- आरोप: गैंगरेप, धमकी देना, और अन्य संबंधित अपराध
- साक्ष्य: 50 गवाहों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट, CCTV फुटेज
- कानूनी धाराएँ: पॉक्सो एक्ट धारा 6, BNS की संबंधित धाराएँ
मुख्य बातें
- घटना 4 अगस्त को हुई, बस ने लगभग 47 किमी का सफर तय किया।
- पीड़िता ने कश्मीरी गेट मेट्रो थाना में शिकायत दर्ज करवाई।
- पुलिस ने CCTV से बस की पहचान कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- 400 पन्नों की चार्जशीट में 50 अभियोजन गवाहों के बयान शामिल हैं।
- तीस हजारी कोर्ट ने चार्जशीट पर संज्ञान लिया, प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
आगे की कार्यवाही
अब मामला अदालत में सुनवाई के चरण में है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो आरोपी पर पॉक्सो एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कड़ी सजा हो सकती है। इस प्रकार की घटनाओं की रोकथाम और नाबालिगों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने आगे भी सख्त निगरानी और जांच जारी रखने का आश्वासन दिया है।




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