इंडिया ब्लॉक की बैठक में राहुल गांधी के प्रमुख बिंदु: वोट चोरी, EVM घालमेल और लोकतंत्र बचाओ मार्च
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दिल्ली में बुधवार को आयोजित इंडिया ब्लॉक की बैठक में विपक्षी नेता राहुल गांधी ने सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने वालों को दंडित किया जाना चाहिए, चाहे वे कितने भी वरिष्ठ या प्रभावशाली हों। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, जम्मू‑कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और कई विपक्षी दलों के प्रतिनिधि शामिल थे।
राहुल गांधी के मुख्य बिंदु
राहुल गांधी ने अपनी संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाँच प्रमुख मुद्दों को रेखांकित किया:
- वोट चोरी को प्राथमिक मुद्दा माना गया: सभी विपक्षी दलों का मत है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर किया है।
- EVM में घालमेल का आरोप: उन्होंने बंगाल में EVM जलने की घटना को उदाहरण देते हुए कहा, “वोट चोरी, EVM में घालमेल”।
- सरकार की सियासी कमजोरी: राहुल ने कहा, “पीएम मोदी इस समय सबसे कमजोर सियासी पिच पर हैं” और विपक्षी दलों को इस अवसर का फायदा उठाना चाहिए।
- आंतरिक जानकारी का साझा करना: उन्होंने बताया कि ईडी, सीबीआई के कुछ अधिकारी अंदर की जानकारी दे रहे हैं, जिसे मिलकर विपक्षी दलों को सरकार को घेरना चाहिए।
- एकजुटता और प्रदर्शन: कुछ राज्यों में सियासी बाधाओं के कारण प्रदर्शन नहीं हो पाएगा, पर राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट होकर विरोध किया जाएगा।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की घोषणा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में खरगे ने विपक्षी दलों के सामूहिक कदमों की रूपरेखा पेश की:
- 2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च आयोजित किए जाएंगे, जिसमें युवा और NGOs को शामिल किया जाएगा।
- इन मार्चों का मुख्य स्थल जिला मजिस्ट्रेट के कार्यालय के सामने होगा।
- 6 अक्टूबर को सभी विपक्षी सांसद चुनाव आयोग के सामने मार्च करेंगे।
- विपक्षी नेता राष्ट्रपति से मिलने का समय माँगेंगे।
- अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में ‘वोट चोरी सरकार’ के खिलाफ ज्ञापन प्रस्तुत किया जाएगा।
मुख्य बातें
- राहुल गांधी ने लोकतंत्र को नष्ट करने वालों को दंडित करने की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता जताई।
- वोट चोरी और EVM घालमेल को मुख्य मुद्दा बताया गया।
- सत्ता पर सरकार की पकड़ कमजोर होने का उल्लेख किया गया।
- ईडी‑सीबीआई के कुछ अधिकारियों से अंदरूनी जानकारी मिलने की बात कही गई।
- ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च 2‑8 अक्टूबर, जिला मजिस्ट्रेट के कार्यालय के सामने आयोजित होंगे।
- 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग के सामने मार्च करेंगे।
इंडिया ब्लॉक की इस बैठक में विपक्षी दलों ने एकजुटता का संदेश दिया और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सामूहिक कार्रवाई की योजना बनाई। आगामी मार्च और ज्ञापन प्रस्तुत करने की तैयारियों को देखते हुए राजनीतिक माहौल में नई गतिशीलता की उम्मीद की जा रही है।




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