छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में अक्टूबर‑दिसंबर तिमाही में कोई बदलाव नहीं
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भारत सरकार ने वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन के माध्यम से यह घोषणा की कि 1 अक्टूबर 2026 से 30 दिसंबर 2026 तक लागू होने वाली तिमाही में छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह लगातार दसवीं तिमाही है जब इन योजनाओं की दरें स्थिर रखी गई हैं, जिससे निवेशकों को स्पष्ट रिटर्न मिल सकेगा।
स्थिर रहने वाली प्रमुख ब्याज दरें
नोटिफिकेशन में बताई गई प्रमुख योजनाओं की ब्याज दरें इस प्रकार हैं:
- सुकन्या समृद्धि योजना – 8.2 % वार्षिक
- तीन साल की टर्म डिपॉजिट – 7.1 % वार्षिक
- पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) – 7.1 % वार्षिक
- पोस्ट ऑफिस सेविंग्स डिपॉजिट – 4 % वार्षिक
- किसान विकास पत्र (KVP) – 7.5 % वार्षिक, 115 महीने में मैच्योर
- नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) – 7.7 % वार्षिक
- मंथली इनकम स्कीम – 7.4 % वार्षिक
निवेशकों के लिए क्या मतलब?
ब्याज दरों में स्थिरता का अर्थ है कि चाहे निवेशक पहली बार इन योजनाओं में निवेश कर रहे हों या मौजूदा डिपॉज़िट को जारी रख रहे हों, उन्हें अगले तीन महीनों में वही रिटर्न मिलेगा। इस निर्णय का प्रभाव दो मुख्य पहलुओं पर पड़ेगा:
- नए निवेशकों को स्पष्टता मिलेगी कि किस दर पर बचत पर रिटर्न मिलेगा।
- मौजूदा निवेशकों को उनके जमा पर नियत दर पर ब्याज मिलता रहेगा, बिना किसी कटौती के।
पिछले बदलाव की पृष्ठभूमि
सरकार ने आखिरी बार 2023‑24 की चौथी तिमाही में कुछ छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में बदलाव किया था। तब के बाद से लगातार दस तिमाहियों तक दरें स्थिर रखी गई हैं, जिससे बाजार में स्थिरता बनी रही है।
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मुख्य बातें
- अक्टूबर‑दिसंबर 2026 की तिमाही में सभी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें स्थिर रहेंगी।
- सुकन्या समृद्धि योजना की दर 8.2 % है, जबकि PPF और टर्म डिपॉजिट 7.1 % पर हैं।
- NSC की दर 7.7 % और किसान विकास पत्र की दर 7.5 % है।
- मंथली इनकम स्कीम निवेशकों को 7.4 % ब्याज देती रहेगी।
- यह निर्णय निवेशकों को अगले तीन महीनों में रिटर्न की पूर्वानुमानितता प्रदान करता है।
छोटी बचत योजनाओं पर इस स्थिरता के साथ, सरकार ने निवेशकों को भरोसा दिलाया है कि वे अपने दीर्घकालिक बचत लक्ष्य को बिना दर में उतार‑चढ़ाव के आगे बढ़ा सकते हैं।




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