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मध्य प्रदेश में SIR के बाद बड़ा अपडेट: 42.74 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए

2 मिनट में पढ़ें

By Kishan kumar Jain• प्रकाशित 23 Dec 2025• अपडेट 23 Dec 2025
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भोपाल।मध्य प्रदेश में Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदाता सूची को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। राज्य में SIR…

भोपाल।मध्य प्रदेश में Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदाता सूची को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। राज्य में SIR अभियान के बाद कुल 42.74 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। यह जानकारी चुनाव आयोग से जुड़े आधिकारिक आंकड़ों में सामने आई है।

चुनाव आयोग के अनुसार, यह कार्रवाई मृत मतदाताओं, स्थानांतरित हो चुके नागरिकों, डुप्लीकेट एंट्री और अपात्र नामों की पहचान के बाद की गई। SIR का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान Booth Level Officers (BLOs) द्वारा घर-घर सत्यापन, दस्तावेज़ जांच और फील्ड रिपोर्ट के आधार पर नामों की समीक्षा की गई। जिन मामलों में मतदाता की पात्रता सिद्ध नहीं हो सकी, उनके नाम सूची से हटाए गए।

चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के नाम गलती से हट गए हों, वे Form-6 और अन्य निर्धारित प्रक्रियाओं के माध्यम से पुनः नाम जुड़वा सकते हैं। आयोग की वेबसाइट और स्थानीय चुनाव कार्यालयों में इसकी पूरी व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में यह आंकड़ा चर्चा का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े पैमाने पर हुए इस संशोधन से आने वाले चुनावों में मतदाता सूची की शुद्धता बेहतर होगी और फर्जी वोटिंग जैसी शिकायतों पर रोक लगेगी।

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