Skip to content
Saturday, 24 October 2026|India
24 Octआज की खबरें
ऐप डाउनलोड
🔴 ब्रेकिंग न्यूज़
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में हैंडलर का पर्दाफाश, पिस्तौल बरामद•सांबा में संदिग्ध कबूतर मिला, पैर में अंगूठी, उर्दू नोट और पाकिस्तानी मुद्रा•रूस-यूक्रेन युद्ध में रोबोटिक सिस्टम का नया मोड़: ऑपरेशन विवाल्डी•दिल्ली के मायापुरी में खिलौना फैक्ट्री में भीषण आग, दमकल ने किया त्वरित कार्रवाई•प्रधानमंत्री मोदी का वाराणसी‑केदारनाथ दो दिवसीय दौरा: प्रमुख कार्यक्रम और सुरक्षा उपाय•तिब्बत में 4.5 तीव्रता का भूकंप: कड़ाके की ठंड और तबाही के बीच नई चिंता•यूपी में ED के दो अधिकारी गिरफ्तार… 5 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा•हूती हमलों के बाद अमेरिका ने सऊदी अरब सहित कई खाड़ी देशों से कर्मचारियों की निकासी का आदेशटाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में हैंडलर का पर्दाफाश, पिस्तौल बरामद•सांबा में संदिग्ध कबूतर मिला, पैर में अंगूठी, उर्दू नोट और पाकिस्तानी मुद्रा•रूस-यूक्रेन युद्ध में रोबोटिक सिस्टम का नया मोड़: ऑपरेशन विवाल्डी•दिल्ली के मायापुरी में खिलौना फैक्ट्री में भीषण आग, दमकल ने किया त्वरित कार्रवाई•प्रधानमंत्री मोदी का वाराणसी‑केदारनाथ दो दिवसीय दौरा: प्रमुख कार्यक्रम और सुरक्षा उपाय•तिब्बत में 4.5 तीव्रता का भूकंप: कड़ाके की ठंड और तबाही के बीच नई चिंता•यूपी में ED के दो अधिकारी गिरफ्तार… 5 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा•हूती हमलों के बाद अमेरिका ने सऊदी अरब सहित कई खाड़ी देशों से कर्मचारियों की निकासी का आदेश
विज्ञापन
Home » UP Panchayat Election 2021 : यूपी पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट का फैसला, 2015 के आधार पर होगा आरक्षण
Breaking News

UP Panchayat Election 2021 : यूपी पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट का फैसला, 2015 के आधार पर होगा आरक्षण

2 मिनट में पढ़ें

By Kishan kumar Jain• प्रकाशित 15 Mar 2021• अपडेट 15 Mar 2021
GB News India ऐप डाउनलोड करेंGoogle Play Store पर उपलब्ध
लखनऊ। यूपी पंचायत चुनावों में सीटों पर आरक्षण व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अपना फैसला सुना दिया है। हाईकोर्ट ने कहा…

लखनऊ। यूपी पंचायत चुनावों में सीटों पर आरक्षण व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अपना फैसला सुना दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि वर्ष 2015 को मूल वर्ष मानते हुए सीटों पर आरक्षण लागू किया जाए। इसके पूर्व राज्य सरकार ने स्वयं कहा कि वह वर्ष 2015 को मूल वर्ष मानते हुए आरक्षण व्यवस्था लागू करने के लिए तैयार है। इस पर न्यायमूर्ति रितुराज अवस्थी व न्यायमूर्ति मनीष माथुर की खंडपीठ ने 25 मई तक त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संपन्न कराने के आदेश पारित किए हैं।

आपको बता दें कि हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में 11 फरवरी 2021 के शासनादेश को चुनौती दी गई थी। याचिका में कहा गया है कि पंचायत चुनाव में आरक्षण लागू किये जाने सम्बंधी नियमावली के नियम 4 के तहत जिला पंचायत, सेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत की सीटों पर आरक्षण लागू किया जाता है। कहा गया कि आरक्षण लागू किये जाने के सम्बंध में वर्ष 1995 को मूल वर्ष मानते हुए 1995, 2000, 2005 व 2010 के चुनाव सम्पन्न कराए गए।

याचिका में आगे कहा गया कि 16 सितम्बर 2015 को एक शासनादेश जारी करते हुए वर्ष 1995 के बजाय वर्ष 2015 को मूल वर्ष मानते हुए आरक्षण लागू किये जाने को कहा गया। उक्त शासनादेश में ही कहा गया कि वर्ष 2001 व 2011 के जनगणना के अनुसार अब बड़ी मात्रा में डेमोग्राफिक बदलाव हो चुका है लिहाजा वर्ष 1995 को मूल वर्ष मानकर आरक्षण लागू किय अजाना उचित नहीं होगा। कहा गया कि 16 सितम्बर 2015 के उक्त शासनादेश को नजरंदाज करते हुए, 11 फरवरी 2021 का शासनादेश लागू कर दिया गया। जिसमें वर्ष 1995 को ही मूल वर्ष माना गया है। यह भी कहा गया कि वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव भी 16 सितम्बर 2015 के शासनादेश के ही अनुसार सम्पन्न हुए थे।

आपके लिए संबंधित खबरें

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook X Telegram
💬 0 टिप्पणियाँ

टिप्पणियाँ

0

अपनी टिप्पणी लिखें

Your email address will not be published. Required fields are marked *