क्वाड बैठक में भारत की आपदा राहत भूमिका की सराहना, आर्थिक‑सुरक्षा सहयोग पर नई प्रतिबद्धताएँ
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अटलांटा में 31 अक्टूबर को आयोजित क्वाड (संयुक्त राष्ट्र, भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका) विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत को नेपाल में अचानक बाढ़ के दौरान दिखाए गए मानवीय प्रयासों के लिए सराहा गया। इस सराहना के साथ ही हिंद‑प्रशांत क्षेत्र में बुनियादी ढाँचा, डिजिटल कनेक्टिविटी, समुद्री सुरक्षा और उन्नत तकनीकों के लिए सहयोग को आगे बढ़ाने की नई प्रतिबद्धताएँ भी सामने आईं।
नेपाल बाढ़ में भारत की प्रमुख भूमिका
क्वाड देशों ने अगस्त में नेपाल में आई अचानक बाढ़ के दौरान भारत द्वारा किए गए राहत‑बचाव कार्यों की प्रशंसा की। भारत ने जल‑प्रवाह नियंत्रण, बचाव दलों की तैनाती और आपदा‑पीड़ितों को आवश्यक वस्तुएँ प्रदान करने में प्रमुख भूमिका निभाई। बैठक में बाढ़ में शहीद हुए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई और आपदा‑समय में साझेदार देशों की मदद करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
आर्थिक एवं समुद्री सुरक्षा के लिए नई पहल
क्वाड देशों ने हिंद‑प्रशांत में बुनियादी ढाँचा, बंदरगाह, डिजिटल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। साथ ही उन्होंने आर्थिक दबाव, मनमाने निर्यात प्रतिबंध और अनावश्यक उत्पादन के माध्यम से वैश्विक सप्लाई‑चेन को प्रभावित करने वाली नीतियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
समुद्री आवाज़ाही और ऊर्जा सुरक्षा
होर्मुज स्ट्रेट, लाल सागर और बाब‑अल‑मंदेब स्ट्रेट में निर्बाध नौवहन की स्वतंत्रता को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत आवश्यक बताया गया। ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार को बिना बाधा के जारी रखने पर भी ज़ोर दिया गया।
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AI और उन्नत तकनीकों में सहयोग
क्वाड ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और “Pax Silica” जैसी पहलों को भविष्य की आर्थिक वृद्धि के लिए अहम बताया। विश्वसनीय AI तक पहुँच बढ़ाने के लिए 8.5 करोड़ डॉलर से अधिक की तकनीकी एवं वित्तीय सहायता प्रदान करने का इरादा जताया गया, जिसमें क्वाड AI एक्सेलरेटर का भी समावेश है।
सेमीकंडक्टर, 5G, 6G और AI हार्डवेयर की सुरक्षित सप्लाई‑चेन बनाने के लिए सहयोग बढ़ाया जाएगा। कमजोर कड़ियों की पहचान कर उन्हें सुदृढ़ करने की योजना भी घोषित की गई।
साइबर ठगी और मानव तस्करी पर सख्त कार्रवाई
क्वाड मंत्रियों ने साइबर ठगी और ऑनलाइन मानव तस्करी के बढ़ते नेटवर्क पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आपराधिक समूहों द्वारा लोगों को जबरन साइबर ठगी में शामिल कर अरबों डॉलर की चोरी हो रही है। इन नेटवर्कों को खत्म करने और उनके संचालकों को जवाबदेह ठहराने का संकल्प लिया गया।
महत्वपूर्ण खनिज और ऊर्जा सुरक्षा
इलेक्ट्रॉनिक कचरे से खनिजों की पुनः प्राप्ति और रीसाइक्लिंग नेटवर्क विकसित करने के लिए 1 करोड़ डॉलर की सहायता अमेरिका, भारत और ASEAN देशों को दी जाएगी। पहले क्वाड फ्यूल सिक्योरिटी फोरम में रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार और ईंधन सुरक्षा को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
समुद्री निगरानी और संयुक्त अभ्यास
क्वाड‑एट‑सी शिप ऑब्ज़र्वर मिशन, जो 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक चेन्नई से पर्थ तक चला, सफलतापूर्वक पूरा हुआ। 2027 में सी‑ड्रैगन अभ्यास के तहत पहला संयुक्त समुद्री निगरानी अभ्यास और क्वाड सिम्पोज़ियम आयोजित करने की योजना है।
आगे के शिखर सम्मेलन और सहयोग की दिशा
बैठक के अंत में चारों देशों ने क्वाड नेताओं के आगामी शिखर सम्मेलन और अगली विदेश मंत्रियों की बैठक के माध्यम से शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। भारत के वार्षिक संयुक्त मानवीय सहायता और आपदा राहत अभ्यास (AJHE‑26) में अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के पर्यवेक्षक भी भाग लेंगे।
मुख्य बातें
- नेपाल बाढ़ में भारत की मानवीय भूमिका की क्वाड देशों ने सराहना की।
- हिंद‑प्रशांत में बुनियादी ढाँचा, डिजिटल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स को सुदृढ़ करने के लिए सहयोग बढ़ेगा।
- AI, सेमीकंडक्टर, 5G/6G और AI हार्डवेयर की सुरक्षित सप्लाई‑चेन के लिए 8.5 करोड़ डॉलर से अधिक की वित्तीय सहायता।
- साइबर ठगी और मानव तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सख्त किया जाएगा।
- महत्वपूर्ण खनिजों की रीसाइक्लिंग और ऊर्जा सुरक्षा के लिए 1 करोड़ डॉलर की सहायता।
- 2027 में पहला क्वाड समुद्री निगरानी अभ्यास और सिम्पोज़ियम आयोजित होगा।




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