दिल्ली के व्यापारियों ने राहुल गांधी से दिवाली में रैली न करने की अपील, 20 बाजारों में पोस्टर अभियान
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दिल्ली के व्यापारियों के प्रमुख संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने आज राहुल गांधी से एक विशेष अपील की, जिसमें उन्होंने दिवाली के व्यावसायिक पीक सीजन में किसी भी राजनीतिक रैली को रोकने की मांग की। इस अपील के साथ CTI ने रामलीला मैदान के 5 किमी के दायरे में स्थित 20 बड़े थोक बाजारों में पोस्टर अभियान शुरू करने की घोषणा की।
राहुल गांधी से अपील का मुख्य बिंदु
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा, “आप हमेशा कहते हैं कि आप नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान चलाते हैं, पर हमारी 300 साल पुरानी मोहब्बत की दुकानें रैली के कारण बंद हो रही हैं। चांदनी चौक की परांठे वाली दुकान, खारी बावली के मसाले, सदर की चूड़ी‑बिंदी, करोल बाग की कुल्फी आदि सभी हमारे छोटे‑छोटे परिवारों की आजीविका हैं। इसलिए हम आपसे सविनय निवेदन करते हैं कि दिवाली के पीक सीजन में रैली न आयोजित करें।”
पोस्टर अभियान के विवरण
CTI ने बताया कि आज से रामलीला मैदान के 5 किमी के दायरे में स्थित 20 बड़े बाजारों में पोस्टर लगाए जाएंगे। इन बाजारों में शामिल हैं:
- चांदनी चौक
- सदर बाजार
- खारी बावली
- भागीरथ पैलेस
- नया बाजार
- चावड़ी बाजार
- कश्मीरी गेट
- दरियागंज
- कनॉट प्लेस
- करोल बाग
- नबी करीम
- पहाड़गंज
- अजमेरी गेट
- लाहौरी गेट
- जनपथ
- पालिका बाजार
- बल्लीमारान
- किनारी बाजार
बृजेश गोयल ने कहा, “रामलीला मैदान के चारों ओर ये बाजार हैं। यदि 10 लाख लोग और 20 हजार गाड़ियां रैली में भाग लेती हैं, तो सबसे पहले इन 20 बाजारों में ताले लगेंगे।”
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दिवाली पर रैली के संभावित प्रभाव
बाजारियों ने रैली के संभावित नकारात्मक प्रभावों को रेखांकित किया:
- धनतेरस से केवल चार दिन पहले, 1 नवंबर को रामलीला मैदान में 10 लाख लोगों की रैली होने की संभावना है।
- 20 हजार गाड़ियों की भीड़ से दिल्ली में गंभीर ट्रैफ़िक जाम होगा; मैदान में 100 बसों की भी पार्किंग नहीं है।
- दिवाली के दौरान 20 हजार व्यापारियों का अनुमानित 10‑12 हजार करोड़ रुपये का व्यापार ठप हो सकता है।
- लगभग 75 लाख लोगों की रोज़ी‑रोटी पर संकट उत्पन्न हो सकता है।
मुख्य बातें
- CTI ने राहुल गांधी से दिवाली के पीक सीजन में कोई रैली न करने का अनुरोध किया।
- रामलीला मैदान के 5 किमी दायरे में 20 प्रमुख बाजारों में पोस्टर अभियान शुरू किया गया।
- रैली से 10 लाख लोगों और 20 हजार गाड़ियों की भीड़ की आशंका, जिससे ट्रैफ़िक जाम और व्यापारिक नुकसान होगा।
- दिवाली के दौरान 20 हजार व्यापारियों का 10‑12 हजार करोड़ रुपये का व्यापार जोखिम में।
CTI ने इस पहल के माध्यम से दिल्ली के छोटे‑छोटे व्यापारियों की आवाज़ को राष्ट्रीय मंच पर लाने और राजनीतिक कार्यक्रमों के समय व्यापारिक हितों को संरक्षित करने की कोशिश की है।




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