टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में पुलिस की तकनीकी जांच: 100 CCTV फुटेज, जुहू‑कोटा तक का रूट और पाँच बड़े सवाल
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टाइगर श्रॉफ पर जुहू के पुष्पा पार्क के सामने हुई फायरिंग के बाद, मुंबई पुलिस ने बड़े पैमाने पर तकनीकी जांच की। 100 से अधिक CCTV फुटेज, डंप‑कॉल डेटा और अन्य सर्विलांस की मदद से तीन आरोपियों का जुहू‑अंधेरी‑वसई‑सूरत‑कोटा तक का पूरा रूट सामने आया। अब तक की जांच में पाँच बड़े सवाल उभरे हैं, जिनके जवाब पुलिस को अभी ढूँढने हैं।
मुख्य घटनाक्रम और आरोपियों का रूट
फायरिंग के बाद तीन आरोपियों – ऋतिक, रिहान और फूल सिंह – ने पीले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल से जुहू से लगभग छह किलोमीटर दूर अंधेरी रेलवे स्टेशन तक पहुँच कर बर्गर किंग के सामने बाइक पार्क की। वहाँ से उन्होंने प्लेटफ़ॉर्म‑7 की सीढ़ियों से ऊपर चढ़कर प्लेटफ़ॉर्म‑3‑4 की ओर वसई की लोकल ट्रेन पकड़ी। वसई पहुँचने के बाद उन्होंने टैक्सी लेकर सूरत की ओर रवाना हुए और सूरत रेलवे स्टेशन से पुणे‑जयपुर ट्रेन ली। जांच एजेंसियों को आशंका है कि उनका इरादा जयपुर पहुँच कर नेपाल के रास्ते विदेश भागने का था।
तकनीकी सर्विलांस और सहयोगी पुलिस एजेंसियों की भूमिका
मुंबई पुलिस ने CCTV फुटेज, डंप‑कॉल डेटा, टेक्निकल सर्विलांस और मुखबिरों से मिली जानकारी को मिलाकर आरोपियों की पहचान की। इस प्रक्रिया में गुजरात और राजस्थान पुलिस के साथ जानकारी साझा की गई। राजस्थान पुलिस ने कोटा में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस की योजना है कि उन्हें कोटा से मुंबई लाकर आगे की पूछताछ की जाए और अदालत में पेश किया जाए।
ऋतिक की रहन‑सहन और स्थानीय जुड़ाव
जांच के एक अहम हिस्से में अंधेरी वेस्ट के गिल्बर्ट हिल इलाके तक पहुँचा गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, ऋतिक चार‑पाँच महीने तक यहाँ किराये के छोटे मकान में रहा। वह बैटरी‑चलित बाइक पर रैपिडो का काम करता था और लंबे बालों वाले युवक के रूप में पहचाना जाता था। उसके साथ दो अन्य युवकों का भी उल्लेख है, जिन्हें पुलिस अभी रिहान और फूल सिंह के रूप में पुष्टि कर रही है।
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पल्सर बाइक और वित्तीय स्रोतों की जाँच
फायरिंग में इस्तेमाल हुई पीली पल्सर बाइक के मालिकाना हक की कड़ियों को भी पुलिस ने खंगाला। पूर्व मालिकों से पूछताछ की गई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बाइक कैसे आरोपियों तक पहुँची और खरीद के लिए पैसे कौन उपलब्ध कराता है। साथ ही, आरोपियों के बैंक खातों और नकदी लेन‑देनों की भी जाँच चल रही है।
हथियारों का रहस्य
जांच में सबसे बड़ा सवाल फायरिंग में इस्तेमाल पिस्टलों का स्थान है। पुलिस अभी तक नहीं जान पाई है कि पिस्टलें कहाँ छिपाई या फेंकी गईं, कितने कारतूस बचे हैं और आरोपियों ने भागते समय उन्हें किस ठिकाने पर रखा। इन हथियारों की बरामदगी से फॉरेंसिक विश्लेषण में मदद मिल सकती है।
जांच के पाँच बड़े सवाल
- क्या टाइगर श्रॉफ पर हमले के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गैंग की भूमिका थी?
- क्या रिहान और फूल सिंह भी ऋतिक के साथ गिल्बर्ट हिल में रहते थे?
- हमले के लिए आरोपियों को किसने पैसे और हथियार उपलब्ध कराए?
- क्या तीनों ने फायरिंग से पहले टाइगर श्रॉफ की गतिविधियों की रेकी की थी?
- फायरिंग में इस्तेमाल दोनों पिस्टल कहां हैं और उन्हें किसने ठिकाने लगाया?
मुख्य बातें
- तीन आरोपियों – ऋतिक, रिहान, फूल सिंह – ने जुहू से अंधेरी, वसई, सूरत और कोटा तक का सफर तय किया।
- पुलिस ने 100 से अधिक CCTV फुटेज, डंप‑कॉल डेटा और टेक्निकल सर्विलांस का उपयोग किया।
- राजस्थान पुलिस ने कोटा में आरोपियों को गिरफ्तार किया; उन्हें मुंबई लाकर अदालत में पेश किया जाएगा।
- ऋतिक गिल्बर्ट हिल में किराये के मकान में रहा, बैटरी‑बाइक पर रैपिडो का काम करता था।
- फायरिंग में इस्तेमाल पिस्टलों का स्थान अभी भी अज्ञात है, जिससे जांच में बड़ा अंतराल बना हुआ है।




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