प्रतापगढ़ में दशहरा पर कुंडा विधायक राजा भैया ने किया शस्त्र पूजन, 1000 से अधिक हथियारों की शोभा
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उत्तरी प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में दशहरा के पावन अवसर पर बेंती कोठी में आयोजित शस्त्र पूजन समारोह में कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह, जिन्हें स्थानीय स्तर पर राजा भैया कहा जाता है, ने 1000 से अधिक हथियारों को सजाकर पूजा की। इस कार्यक्रम में 11 वैदिक आचार्य, कई राजनीतिक नेता और सैकड़ों समर्थक उपस्थित रहे।
समारोह की मुख्य झलकियां
शस्त्र पूजन के दौरान बेंती कोठी की मेज पर एक हजार से अधिक असली हथियारों को कतार में सजाया गया। 11 आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शस्त्रों का पूजन किया, जिसके बाद आरती, पुष्पांजलि और प्रसाद वितरण हुआ। राजा भैया ने पारंपरिक कुर्ता‑धोती में उपस्थित होकर इस परम्परा के महत्व पर प्रकाश डाला।
राजा भैया का बयान
पूजन के बाद राजा भैया ने कहा, “ई ना जानया कि एतनै हैं, हाथी कै दांत देखावे का कुछ और और खाए कै कुछ और होत है।” उन्होंने बताया कि विजयदशमी सत्य की असत्य और अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक है। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
उपस्थित प्रमुख हस्तियां
- जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के प्रदेश अध्यक्ष एवं बाबागंज विधायक विनोद सरोज
- राष्ट्रीय महासचिव डॉ. केएन ओझा
- पूर्व प्रमुख बबलू सिंह
- पंकज सिंह
- राजा भैया के पुत्र शिवराज सिंह
- बृजराज सिंह
शस्त्र पूजन की परम्परा
बेंती कोठी में शस्त्र पूजन का आयोजन पारम्परिक विधि‑विधान से किया जाता है। प्रारम्भिक दिनों में केवल राजघराने के हथियार रखे जाते थे, परन्तु अब समर्थकों के अपने हथियार भी इस समारोह में शामिल होते हैं। राजा भैया ने कहा कि शस्त्र पूजन सनातन संस्कृति की महत्वपूर्ण परम्परा है, जिसमें शस्त्र के साथ गौ, अश्व और वाहनों का भी पूजन किया जाता है। यह परम्परा हर घर में निभाई जानी चाहिए।
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मुख्य बातें
- स्थान: बेंती कोठी, प्रतापगढ़
- तारीख: दशहरा (मंगलवार)
- विधि: 11 वैदिक आचार्य द्वारा मंत्रोच्चार के साथ शस्त्र पूजन
- हथियारों की संख्या: 1000 से अधिक
- उपस्थित प्रमुख: विनोद सरोज, डॉ. केएन ओझा, बबलू सिंह, पंकज सिंह, शिवराज सिंह, बृजराज सिंह
- राजा भैया का मुख्य संदेश: विजयदशमी सत्य‑असत्य और अच्छाई‑बुराई की जीत का प्रतीक है
रिपोर्ट: मनोज त्रिपाठी, प्रतापगढ़




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