सुप्रीम कोर्ट ने अहमदाबाद ब्लास्ट केस में मोहम्मद तनवीर की फांसी पर रोक लगाई
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सुप्रीम कोर्ट ने 9 अक्टूबर 2026 को अहमदाबाद में 2008 के सीरियल बम धमाकों के दोषी, इंडियन मुजाहिदीन (IM) के सदस्य मोहम्मद तनवीर की फांसी की सजा पर रोक लगाई। यह फैसला जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की तीन सदस्यीय पीठ द्वारा जारी किया गया है। कोर्ट ने जेल प्रशासन को आठ हफ्तों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट और मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन की रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।
अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट की पृष्ठभूमि
26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में 70 मिनट के भीतर 21 सिलसिलेवार बम विस्फोट हुए, जिनमें 56 लोगों की मौत और 200 से अधिक लोग घायल हुए। विशेष अदालत ने फरवरी 2022 में इस मामले के 38 दोषियों को मौत की सजा और 11 को उम्रकैद सुनाई, जिसे गुजरात हाई कोर्ट ने बरकरार रखा।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
कोर्ट ने तनवीर द्वारा गुजरात हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने के बाद फांसी की सजा पर रोक लगाई। आदेश में निम्नलिखित प्रमुख निर्देश शामिल हैं:
- जेल अधीक्षक को आठ हफ्तों के भीतर तनवीर के जेल में कार्य, आचरण और व्यवहार की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश।
- किसी सरकारी अस्पताल से तनवीर का मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन कर उसकी रिपोर्ट भी आठ हफ्तों में पेश करने का आदेश।
- ट्रायल कोर्ट और हाई कोर्ट से इस मामले से जुड़े सभी मूल रिकॉर्ड की माँग।
- गुजरात सरकार को प्रोबेशन अधिकारियों की रिपोर्ट आठ हफ्तों के भीतर पेश करने का निर्देश।
पहले के समान निर्णय
सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले भी एक अन्य दोषी, अब्बू अबुबकर बरेलवी की फांसी की सजा पर रोक लगा चुकी थी। वह फैसला भी 9 अक्टूबर को सुनाया गया था, जबकि आदेश की कॉपी सोमवार को प्राप्त हुई।
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मुख्य बातें
- सुप्रीम कोर्ट ने मोहम्मद तनवीर की मौत की सजा पर रोक लगाई।
- आदेश 9 अक्टूबर 2026 को जारी हुआ।
- जेल प्रशासन को 8 हफ्तों में विस्तृत रिपोर्ट और मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन की रिपोर्ट पेश करनी होगी।
- सभी मूल रिकॉर्ड ट्रायल कोर्ट और हाई कोर्ट से मांगे गए हैं।
- गुजरात सरकार को प्रोबेशन अधिकारियों की रिपोर्ट भी 8 हफ्तों में देनी होगी।
यह निर्णय अहमदाबाद ब्लास्ट केस में न्याय प्रक्रिया के पुनरावलोकन को दर्शाता है और भविष्य में समान मामलों में उच्च न्यायालय के आदेशों के पालन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




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