दिल्ली में मणिपुरी संगीत शिक्षक की मॉब लिंचिंग पर चार्जशीट दाखिल, 7 आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई
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दिल्ली में मणिपुरी संगीत शिक्षक चोंगथम विक्रम सिंह की मॉब लिंचिंग मामले में साकेत कोर्ट ने 19 अक्टूबर 2026 को 7 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। यह कदम पुलिस की तेज़ कार्रवाई के बाद आया, जिसमें मृतक के बेटे याइफाबा द्वारा की गई शिकायत और कई गवाहों के बयान शामिल हैं।
घटना का विवरण
6 सितंबर 2026 को दक्षिण‑पूर्वी दिल्ली के सनलाइट कॉलोनी थाना क्षेत्र के किलोकरी गांव में चोंगथम विक्रम सिंह को पीट‑पीट कर मार दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार, विक्रम सिंह ने पास के एक ढाबे में शोर कम करने के लिए लोगों से अनुरोध किया, जिससे विवाद उत्पन्न हुआ। नशे में धुत लोगों का समूह उनके खिलाफ हिंसक हमला कर गया, उन्हें मारपीट कर गंभीर चोटें आईं और उन्हें अस्पताल ले जाने के बाद उनकी मृत्यु हो गई।
पुलिस की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच के बाद साकेत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। चार्जशीट में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61 (आपराधिक साजिश), धारा 103(2) (पाँच या अधिक लोगों के समूह द्वारा हत्या), धारा 103(1) (हत्याकांड) और धारा 332(a) (अपराध करने के इरादे से अतिक्रमण) के तहत आरोप लगाए गए हैं।
शामिल आरोपियों में नाबालिग
चार्जशीट में यह भी बताया गया है कि सात आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है, जिससे मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और आगे की सुनवाई की तैयारी कर रही है।
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मुख्य बातें
- घटना: 6 सितंबर 2026 को किलोकरी गांव में शोर कम करने के विवाद में चोंगथम विक्रम सिंह पर हमला।
- पीड़ित: मणिपुरी संगीत शिक्षक चोंगथम विक्रम सिंह, बाद में अस्पताल में मृत्यु।
- शिकायतकर्ता: मृतक के पुत्र याइफाबा ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई।
- आरोपियों की संख्या: 7 (एक नाबालिग सहित)।
- चार्जशीट दाखिल: 19 अक्टूबर 2026 को साकेत कोर्ट में।
- लगाए गए IPC धारा: 61, 103(1), 103(2), 332(a)।
- प्रतिक्रिया: कई संगठनों ने कैंडल मार्च निकाला, कांग्रेस और अन्य पार्टियों ने सवाल उठाए।
- मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने इंसाफ की अपील की।
राजनीतिक एवं सामाजिक प्रतिक्रिया
घटना के बाद राजधानी में कई सामाजिक संगठनों ने कैंडल मार्च निकाला और मॉब लिंचिंग की निंदा की। कांग्रेस सहित कई राजनीतिक दलों ने इस मामले की जांच और शीघ्र न्याय की मांग की। मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं बीजेपी नेता एन बीरेन सिंह ने दिल्ली पुलिस से त्वरित इंसाफ सुनिश्चित करने की अपील की।
आगे की प्रक्रिया
चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामला अब अदालत में आगे बढ़ेगा। न्यायालय में सुनवाई के दौरान आरोपियों को उनके खिलाफ लगाए गए IPC धारा के तहत दंडित किया जा सकता है। इस बीच, पीड़ित के परिवार ने न्याय की उम्मीद जताई है और पुलिस से पूरी सच्चाई उजागर करने की मांग की है।




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