अंकिता भंडारी न्याय के लिए दिल्ली में महिलाओं का तीखा प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
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दिल्ली के कनॉट प्लेस में रविवार को सैकड़ों महिलाओं और छात्र संगठनों ने तिरंगा और मोमबत्तियों के साथ एक शांतिपूर्ण मार्च निकाला, जिसमें अंकिता भंडारी हत्याकांड के न्याय, चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर मार्च को रोका और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
अंकिता भंडारी के परिवार का दिल्ली में धरना
अंकिता भंडारी के माता‑पिता उत्तराखंड से दिल्ली आए और एक दिन पहले इंडिया गेट पर धरना दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में “वीआईपी” चेहरे को बचाने की कोशिश की जा रही है। परिवार ने बीजेपी नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम के राज्यपाल पद से हटाने और सीबीआई जांच को सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की।
कनॉट प्लेस में तिरंगा‑कैंडल मार्च
कनॉट प्लेस के इनर और आउटर सर्किल में महिलाओं ने तिरंगा, मोमबत्तियां और तख्तियों के साथ मार्च किया। तख्तियों पर “अंकिता भंडारी के हत्यारों को सजा” और “लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता बहाल” जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ भी नारेबाजी की, जिससे इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया।
मुख्य मांगें
- अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय और हत्यारों के खिलाफ सख्त सजा।
- चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को रद्द करना, जिसे धांधली का आरोप है।
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, ताकि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो सके।
- बीजीपी नेता दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम राज्यपाल नियुक्ति को रद्द कर, सीबीआई जांच को सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में करवाना।
SIR प्रक्रिया पर आक्रोश
विरोधी दलों और छात्र संगठनों का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत देश भर में करोड़ों वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। इस प्रक्रिया को चुनाव आयोग ने धांधली का आरोप लगाते हुए विरोध किया, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने आयोग और सीईसी को नोटिस जारी किया है।
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पुलिस की तीखी झड़प और हिरासत
जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ना शुरू किया, दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने उन्हें घेर लिया। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति न होने का हवाला देते हुए धक्का‑मुक्की और नोकझोंक के बाद कई महिलाओं और अन्य आंदोलनकारियों को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए लोगों को विभिन्न थानों में भेजा गया, जबकि इलाके में कानून‑व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती जारी है।
पुलिस कार्रवाई के बाद की स्थिति
हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उन्हें बिना किसी औपचारिक पूछताछ के थानों में ले जाया गया। कई ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा किए, जिसमें पुलिस द्वारा उपयोग किए गए बल और प्रतिबंधों की आलोचना की गई। इस बीच, प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि वे न्याय मिलने तक शांतिपूर्ण मार्च जारी रखेंगे।
विपक्षी दलों का सुप्रीम कोर्ट में रुख
मतदाता सूची विवाद और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। कोर्ट ने आयोग और सीईसी को नोटिस जारी कर इस मुद्दे पर सुनवाई का आदेश दिया है, जिससे आगे की कानूनी प्रक्रिया का मार्ग खुला है।
मुख्य बातें
- अंकिता भंडारी के परिवार ने दिल्ली में धरना दिया, “वीआईपी” बचाव का आरोप लगाया।
- कनॉट प्लेस में महिलाओं ने तिरंगा‑कैंडल मार्च किया, कई नारेबाजी के साथ।
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई।
- SIR प्रक्रिया को धांधली का आरोप, मतदाता सूची से लाखों नाम हटाने का दावा।
- पुलिस ने प्रदर्शन को रोकते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया।
- विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट में आयोग और सीईसी को नोटिस दिया।




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