अखिलेश यादव ने नेहा बोरा की हिरासत पर सवाल उठाए, लेफ्ट‑AISA ने रिहाई की मांग की
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उत्तरी राजधानी दिल्ली में लेफ्ट‑AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा को डिटेन करने के बाद उनके ठिकाने की जानकारी न मिलने को लेकर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखा सवाल उठाया। उन्होंने तुरंत रिहाई की मांग की और राष्ट्रीय महिला आयोग को इस संवेदनशील मामले को संज्ञान में लेने का आह्वान किया।
अखिलेश यादव का बयान
अखिलेश यादव ने अपने ट्विटर एक्स (X) पोस्ट में कहा, “डिटेन की गई नेहा बोरा कहां हैं, इसकी कहीं कोई ख़बर नहीं है। एक महिला को रात में डिटेन करके कहां ले जाया गया है, पुलिस इसका खुलासा करे।” उन्होंने यह भी कहा कि हिरासत में रहने के बावजूद ठिकाने की जानकारी न देना “गैरकानूनी और अमानवीय” है।
लेफ्ट‑AISA और प्रतिनिधिमंडल की कार्रवाई
लेफ्ट‑AISA के साथ एनी राजा सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता संसद मार्ग थाने के बाहर पहुँचे। उन्होंने थाने के बाहर बैरिकेडिंग कर प्रतिनिधिमंडल को अंदर जाने से रोका, जबकि वे थाने के गेट पर खड़े होकर बैरिकेड खोलने और पुलिस अधिकारियों से मुलाकात करने की मांग कर रहे थे।
डिटेन की परिस्थितियाँ
प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि ‘लहरा दो तिरंगा मार्च’ में भाग लेने के दौरान नेहा बोरा को एक प्राइवेट गाड़ी में डिटेन किया गया, जिसमें कोई महिला पुलिसकर्मी नहीं थी। उन्होंने बताया कि नेहा बोरा को अब तक छह घंटे से अधिक समय से हिरासत में रखा गया है, परन्तु उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।
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गुमशुदगी की शिकायत
प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली के डीसीपी से मिलकर नेहा बोरा के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश की। यदि जानकारी नहीं मिलती, तो वे थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं। वर्तमान में पुलिस का कोई अधिकारी उनके साथ बात करने को तैयार नहीं है।
संबंधित अन्य मामले
सूत्रों के अनुसार, CJP के चीफ अभिजीत दिपके को भी दिल्ली पुलिस ने राजधानी में ही एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। यह तथ्य नेहा बोरा के मामले के साथ समान संदर्भ में उल्लेखित किया गया है।
मुख्य बातें
- अखिलेश यादव ने नेहा बोरा की डिटेन पर दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार को सवाल किया।
- लेफ्ट‑AISA और सामाजिक कार्यकर्ता संसद मार्ग थाने के बाहर रिहाई की मांग कर रहे हैं।
- नेहा बोरा को प्राइवेट गाड़ी में डिटेन किया गया, जिसमें महिला पुलिसकर्मी नहीं थी।
- हिरासत में रहने के छह घंटे से अधिक समय में ठिकाने की जानकारी नहीं दी गई।
- प्रतिनिधिमंडल ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने की तैयारी की।
स्थिति अभी भी अस्पष्ट है और आगे की जानकारी के लिए पुलिस के आधिकारिक बयानों की प्रतीक्षा की जा रही है।




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