बजाज कंज्यूमर केयर के Q2 परिणाम: मुनाफे में 66% की छलांग, फिर भी शेयर 9% गिरा
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बजाज कंज्यूमर केयर ने जुलाई‑सितंबर 2026 तिमाही के वित्तीय परिणाम जारी किए। कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 65.9% बढ़कर 70.15 करोड़ रुपये हो गया, जबकि ऑपरेशन्स से रेवेन्यू 25% बढ़कर 332.83 करोड़ रुपये पहुंचा। इस मजबूत प्रदर्शन के बावजूद, शेयर बाजार में कंपनी के शेयर 9% तक गिरकर 471.50 रुपये के निचले स्तर पर आ गए।
मुख्य वित्तीय आँकड़े
- शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा: 70.15 करोड़ रुपये (65.9% YoY वृद्धि)
- ऑपरेशनल रेवेन्यू: 332.83 करोड़ रुपये (25% YoY वृद्धि)
- कुल खर्च: 254.67 करोड़ रुपये (14.87% YoY वृद्धि)
- EBITDA: 82 करोड़ रुपये (71% YoY वृद्धि)
- EBITDA मार्जिन: 24.7% (18.1% से बढ़कर)
- मार्केट कैप: लगभग 6,200 करोड़ रुपये (शेयर गिरावट के बाद)
शेयर बाजार में प्रतिक्रिया
परिणामों की घोषणा के बाद, बजाज कंज्यूमर केयर के शेयर 15 अक्टूबर को लगभग 9% गिरकर 471.50 रुपये पर ट्रेड हुए। यह गिरावट निवेशकों के लिए आश्चर्यजनक थी, क्योंकि कंपनी ने दो साल में शेयरधारकों को दोगुना रिटर्न दिया था और पिछले वर्ष 78% की मजबूती दिखायी थी। बीएसई पर शेयर का 52‑हफ्तों का उच्चतम स्तर 691.15 रुपये और न्यूनतम स्तर 242.80 रुपये रहा है।
शेयर‑गिरावट के संभावित कारण
कंपनी ने खर्च में 14.87% की वृद्धि और EBITDA मार्जिन में सुधार बताया, परंतु कुल खर्च में वृद्धि को निवेशकों ने नकारात्मक रूप में देखा। साथ ही, पिछले तीन महीनों में 16% की कीमत गिरावट और बाजार में उच्च अस्थिरता ने भी बेचने की प्रवृत्ति को तेज किया।
व्यापारिक गतिविधियों की स्थिति
बजाज कंज्यूमर केयर, जो 2010 में लिस्ट हुई, बालों और स्किन‑केयर प्रोडक्ट्स जैसे बजाज आल्मंड ड्रॉप्स, बजाज आंवला एलोवेरा और बजाज सरसों तेल बनाती है। कंपनी ने बताया कि अप्रैल‑सितंबर 2026 की छमाही में रेवेन्यू में 30% से अधिक की गति रही, और घरेलू तथा विदेशी दोनों बाजारों में विस्तार जारी है।
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निवेशकों के लिए मुख्य बातें
- शुद्ध मुनाफा 66% बढ़ा, लेकिन शेयर 9% गिरा।
- ऑपरेशनल रेवेन्यू 25% बढ़ा, खर्च 15% बढ़ा।
- EBITDA मार्जिन 24.7% तक सुधरा।
- मार्केट कैप लगभग 6,200 करोड़ रुपये।
- शेयरधारकों के पास 42.97% प्रमोटर हिस्सेदारी।
निष्कर्ष
बजाज कंज्यूमर केयर ने तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दिखाया, परंतु खर्च‑वृद्धि और बाजार की अस्थिरता ने शेयर कीमत को नीचे धकेला। निवेशकों को कंपनी के भविष्य के खर्च‑प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय विस्तार की दिशा पर नज़र रखनी चाहिए। यह लेख केवल सूचना हेतु है; निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए।




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