पूर्वांचल में 133 विधानसभा सीटों के 13300 बूथों की नई ग्रेडिंग: बीजेपी की रणनीति का खुलासा
3 मिनट में पढ़ें

उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी तेज़ी से चल रही है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने काशी‑गोरखपुर क्षेत्र के संयुक्त विस्तारक प्रशिक्षण वर्ग के पहले सत्र में 133 विधानसभा सीटों के सभी बूथों की नई ग्रेडिंग करने का निर्देश जारी किया। इस कदम का उद्देश्य उन बूथों पर फोकस बढ़ाना है जहाँ पिछले लोकसभा चुनाव में अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाए थे।
बूथ ग्रेडिंग का उद्देश्य और प्रक्रिया
बीजेपी के उत्तर प्रदेश सह‑प्रभारी जगदीश पटेल ने बताया कि प्रत्येक बूथ की ग्रेडिंग A, B, C और D चार श्रेणियों में की जाएगी। ग्रेडिंग का आधार पिछले चुनाव में उस बूथ पर प्राप्त वोटों की संख्या और पार्टी की प्रदर्शन पर होगा। कमजोर (D) ग्रेड वाले बूथों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि उन क्षेत्रों में अतिरिक्त प्रयास और संसाधन लगाकर वोटों में सुधार किया जा सके।
ग्रेडिंग के मानदंड
- A‑ग्रेड: उच्च वोट‑शेयर और स्थिर समर्थन वाले बूथ।
- B‑ग्रेड: मध्यम स्तर का समर्थन, लेकिन सुधार की गुंजाइश।
- C‑ग्रेड: कमजोर समर्थन, जहाँ प्रतिस्पर्धी दलों का प्रभाव अधिक।
- D‑ग्रेड: सबसे कम वोट‑शेयर, जहाँ पार्टी को पुनः जीतने की आवश्यकता है।
कार्यकर्ताओं की भूमिका और फोकस
जगदीश पटेल ने कहा कि प्रत्येक विधानसभा में मंडल, शक्तिकेंद्र, बूथ‑स्तर कार्यकर्ता और पन्ना प्रमुख मौजूद हैं। उनका काम केवल वोटर सूची को अपडेट करना नहीं, बल्कि व्यक्तिगत संपर्क, व्यवहार कुशलता और भरोसे के माध्यम से वोटरों के दिलों में जगह बनाना है। उन्होंने कहा, “यदि हम प्रत्येक दिन केवल एक घंटे अपने बूथ पर फोकस करें, तो शत‑प्रतिशत परिणाम संभव है।”
विस्तारकों की जिम्मेदारियां
- बूथ‑स्तर ग्रेडिंग डेटा का संग्रह और विश्लेषण।
- कमजोर बूथों में सक्रिय कार्यकर्ता टीम बनाना।
- स्थानीय मुद्दों की पहचान कर समाधान प्रस्तावित करना।
- विधानसभा वार रणनीति तैयार करना और उसे कार्यान्वित करना।
प्रशिक्षण सत्र और आगे की योजना
प्रशिक्षण वर्ग का पहला दिन विस्तारकों, विधानसभा प्रभारियों और पालकों के कार्य, दायित्व और संगठनात्मक भूमिका पर केंद्रित था। अगले दो दिनों में दो अतिरिक्त सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिसमें बूथ‑स्तर रणनीति, कार्यकर्ता प्रबंधन और विधानसभा वार रणनीति पर विस्तृत चर्चा होगी। जगदीश पटेल ने कहा कि विस्तारक केवल संगठन की योजनाओं को आगे बढ़ाने वाले नहीं, बल्कि समाज और पार्टी के बीच मजबूत संपर्क सूत्र हैं। उनकी सक्रियता, अनुशासन और समर्पण से जमीनी मजबूती सुनिश्चित होती है।
आपके लिए संबंधित खबरें
मुख्य बातें
- पूर्वांचल के 133 विधानसभा सीटों के सभी बूथों की नई ग्रेडिंग की जाएगी।
- ग्रेडिंग के चार स्तर (A‑D) पिछले चुनाव के वोट‑डेटा पर आधारित होंगे।
- कमजोर (D‑ग्रेड) बूथों पर विशेष फोकस और अतिरिक्त कार्यकर्ता तैनात किए जाएंगे।
- जगदीश पटेल ने कार्यकर्ताओं को व्यक्तिगत संपर्क और एक घंटे के दैनिक फोकस की सलाह दी।
- आगामी दो दिनों में विस्तारकों के लिए अतिरिक्त प्रशिक्षण सत्र और विधानसभा वार रणनीति पर चर्चा होगी।
बीजेपी की यह रणनीति पूर्वांचल में जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ मजबूत करने और पिछले चुनाव में खोए हुए वोटों को पुनः हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




टिप्पणियाँ
0