Skip to content
Wednesday, 14 October 2026|India
14 Octआज की खबरें
ऐप डाउनलोड
🔴 ब्रेकिंग न्यूज़
हूती‑सऊदी संघर्ष में बढ़ता तनाव, भारतीयों के लिए नई दूतावास एडवाइजरी•जयपुर एयरपोर्ट पर हाईजैक अलर्ट के बाद एयर इंडिया की फ्लाइट AI 2030 की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग•वैशाली में गंगा में डूबी सरकारी नाव में 13 बच्चों की मौत, कारणों की जांच जारी•जयपुर एयरपोर्ट पर हाईजैक अलर्ट के बाद एयर इंडिया की फ्लाइट AI-2030 की इमरजेंसी लैंडिंग•सुरक्षा और आस्था का संगम एसपी देहात और सीओ ने किया भारी पुलिस फोर्स के साथ पैदल गश्त महाकाली शोभायात्रा रूट का लिया जायजा•बिहार के वैशाली में नाव डूबने से 11 की मौत, 20 सवारों में से कई घायल•प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में आज संभावित केंद्रीय मंत्रिमंडल बैठक और यूपी में तीन विधायक भाजपा में शामिल•जाफ़राबाद के उद्यम फिश पॉइंट रेस्टोरेंट में भीषण आग, लोग खिड़की से कूदकर बचाए अपनी जानहूती‑सऊदी संघर्ष में बढ़ता तनाव, भारतीयों के लिए नई दूतावास एडवाइजरी•जयपुर एयरपोर्ट पर हाईजैक अलर्ट के बाद एयर इंडिया की फ्लाइट AI 2030 की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग•वैशाली में गंगा में डूबी सरकारी नाव में 13 बच्चों की मौत, कारणों की जांच जारी•जयपुर एयरपोर्ट पर हाईजैक अलर्ट के बाद एयर इंडिया की फ्लाइट AI-2030 की इमरजेंसी लैंडिंग•सुरक्षा और आस्था का संगम एसपी देहात और सीओ ने किया भारी पुलिस फोर्स के साथ पैदल गश्त महाकाली शोभायात्रा रूट का लिया जायजा•बिहार के वैशाली में नाव डूबने से 11 की मौत, 20 सवारों में से कई घायल•प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में आज संभावित केंद्रीय मंत्रिमंडल बैठक और यूपी में तीन विधायक भाजपा में शामिल•जाफ़राबाद के उद्यम फिश पॉइंट रेस्टोरेंट में भीषण आग, लोग खिड़की से कूदकर बचाए अपनी जान
विज्ञापन
Home » आंध्र प्रदेश के शिवराम रेड्डीयार ने भीख से जुटाए 17 लाख रुपये बाला त्रिपुरसुंदरी देवी मंदिर में रेलिंग लगवाई
News

आंध्र प्रदेश के शिवराम रेड्डीयार ने भीख से जुटाए 17 लाख रुपये बाला त्रिपुरसुंदरी देवी मंदिर में रेलिंग लगवाई

2 मिनट में पढ़ें

By Kishan kumar Jain• प्रकाशित 14 Oct 2026• अपडेट 14 Oct 2026
GB News India ऐप डाउनलोड करेंGoogle Play Store पर उपलब्ध
आंध्र प्रदेश के शिवराम रेड्डीयार ने भीख से जुटाए 17 लाख रुपये बाला त्रिपुरसुंदरी देवी मंदिर में रेलिंग लगवाई
आंध्र प्रदेश के मार्कपुरम जिले के शिवराम रेड्डीयार ने पाँच साल तक भीख माँगकर जमा किए 17 लाख रुपये बाला त्रिपुरसुंदरी देवी मंदिर के विकास में लगाकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिये…

आंध्र प्रदेश के मार्कपुरम जिले के कोल्लीमलाई गांव के निवासी शिवराम रेड्डीयार ने भीख माँगते हुए पाँच वर्षों में 17 लाख रुपये इकट्ठा कर बाला त्रिपुरसुंदरी देवी मंदिर के विकास में लगा दिए। इस अनोखी पहल ने न केवल मंदिर के सौंदर्य को बढ़ाया, बल्कि भीड़भाड़ के समय श्रद्धालुओं की सुरक्षा को भी सुनिश्चित किया।

भीख से जुटाए धन का उद्देश्य

शिवराम ने बताया कि मंदिर में त्योहारों और विशेष अवसरों पर श्रद्धालुओं को प्रवेश के दौरान धक्का‑मुक्की और गिरने की घटनाएँ अक्सर होती थीं। इस समस्या को देखते हुए उन्होंने एक स्थायी समाधान की तलाश की और अपने एकत्रित धन को रेलिंग निर्माण में निवेश करने का निर्णय लिया।

लोहे की रेलिंग का निर्माण

पाँच साल तक केवल एक बार भोजन करके जीवन यापन करते हुए शिवराम ने अपनी निजी जरूरतों को न्यूनतम रखा। इस दौरान उन्होंने लगातार भीख माँगी और जमा की गई 17 लाख रुपये को मंदिर परिसर में लोहे की रेलिंग स्थापित करने के लिए उपयोग किया। रेलिंग का खर्चा पूरी तरह से इस राशि में ही आया, जिससे मंदिर के प्रवेश द्वार पर भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिली।

श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया

नयी रेलिंग लगने के बाद श्रद्धालुओं ने इसे सराहा, क्योंकि अब भीड़भाड़ के समय सुरक्षित रूप से प्रवेश किया जा सकता है। कई लोग शिवराम की इस निस्वार्थ सेवा को “माता के आशीर्वाद से” संभव बताया और उनकी उदारता की प्रशंसा की।

आपके लिए संबंधित खबरें

मुख्य बातें

  • शिवराम रेड्डीयार ने पाँच साल में भीख से 17 लाख रुपये इकट्ठा किए।
  • धन बाला त्रिपुरसुंदरी देवी मंदिर के विकास में, विशेष रूप से लोहे की रेलिंग स्थापित करने में लगा।
  • रेलिंग ने मंदिर में भीड़भाड़ के समय सुरक्षा और व्यवस्था में सुधार किया।
  • शिवराम ने कहा कि यह सेवा माताजी के आदेश से संभव हुई।

समाज में प्रभाव

शिवराम की कहानी सामाजिक मीडिया और स्थानीय समाचारों में व्यापक रूप से साझा हुई है, जिससे न केवल आंध्र प्रदेश में बल्कि पूरे भारत में निस्वार्थता और धर्मपरायणता की नई मिसाल स्थापित हुई है। यह उदाहरण दिखाता है कि व्यक्तिगत कठिनाइयों के बावजूद सामाजिक भलाई के लिए योगदान देना संभव है।

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook X Telegram
💬 0 टिप्पणियाँ

टिप्पणियाँ

0

अपनी टिप्पणी लिखें

Your email address will not be published. Required fields are marked *