चुनाव आयोग ने मतदाता सूची नियमों में 30 दिनों में किए पाँच प्रमुख बदलाव
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चुनाव आयोग ने पिछले 30 दिनों में मतदाता सूची से जुड़े नियमों में पाँच महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जो देश भर में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को सीधे प्रभावित करेंगे। इन बदलावों का उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाना, दुरुपयोग को रोकना और विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) पूर्ण राज्यों में मतदाता सूची को तेज़ी से अपडेट करना है।
मुख्य बदलावों का सारांश
- फॉर्म‑6 के साथ अतिरिक्त घोषणापत्र की अनिवार्यता में छूट – उन राज्यों में जहाँ एसआईआर पूरा हो चुका है, अब मतदाता को फॉर्म‑6 के साथ अतिरिक्त घोषणापत्र भरना नहीं होगा।
- फॉर्म‑7 पर जमा सीमा – एक व्यक्ति अधिकतम 10 फॉर्म‑7 ही जमा कर पाएगा, जिससे दुरुपयोग को रोका जा सकेगा।
- बंगाल में प्रक्रिया को सरल बनाना – पश्चिम बंगाल में नाम जोड़ने की प्रक्रिया को तेज़ और आसान बनाया गया है, जिससे आवेदनकर्ता को कम दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी।
- नाम जोड़ने और हटाने की समयसीमा में स्पष्टता – नई नियमावली में आवेदन करने की अंतिम तिथि और आवश्यक दस्तावेज़ों की सूची स्पष्ट की गई है।
- डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का विस्तार – ऑनलाइन आवेदन के लिए पोर्टल की कार्यक्षमता बढ़ाई गई है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के मतदाता भी आसानी से आवेदन कर सकेंगे।
फॉर्म‑6 में बदलाव: अतिरिक्त घोषणापत्र की छूट
पहले, विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) पूर्ण राज्यों में भी मतदाता को फॉर्म‑6 के साथ एक अतिरिक्त घोषणापत्र जमा करना अनिवार्य था। अब यह आवश्यकता हटाई गई है, जिससे उन राज्यों में नाम जोड़ने की प्रक्रिया तेज़ हो गई है। यह बदलाव उन मतदाताओं के लिए राहत प्रदान करता है जो पहले अतिरिक्त दस्तावेज़ तैयार करने में कठिनाई का सामना करते थे।
फॉर्म‑7 पर नई सीमा: दुरुपयोग रोकने के लिए
फॉर्म‑7 का दुरुपयोग रोकने के उद्देश्य से चुनाव आयोग ने यह नियम लागू किया है कि एक व्यक्ति अधिकतम 10 फॉर्म‑7 ही जमा कर सकेगा। इससे कई बार एक ही व्यक्ति द्वारा बड़े पैमाने पर फॉर्म‑7 जमा कर नाम हटाने या जोड़ने की प्रक्रिया को बाधित करने की संभावना कम होगी।
पश्चिम बंगाल में नाम जोड़ने की प्रक्रिया
पश्चिम बंगाल में अब मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए आवश्यक दस्तावेज़ों की सूची संक्षिप्त की गई है। आवेदनकर्ता को केवल पहचान प्रमाण, निवास प्रमाण और फॉर्म‑6 जमा करना होगा। अतिरिक्त प्रमाणपत्रों की मांग अब नहीं की जाएगी, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के मतदाता आसानी से आवेदन कर सकेंगे।
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डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का विस्तार
नए नियमों के तहत ऑनलाइन पोर्टल की कार्यक्षमता बढ़ाई गई है। अब मतदाता चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करके फॉर्म‑6 या फॉर्म‑7 का डिजिटल रूप से आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर आवेदन की स्थिति ट्रैक करने की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
नाम जोड़ने‑हटाने की समयसीमा
नए नियमों में स्पष्ट किया गया है कि नाम जोड़ने या हटाने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि प्रत्येक वर्ष के 30 अप्रैल को निर्धारित की जाएगी। इस तिथि के बाद जमा किए गए फॉर्म को अगले वर्ष के पुनरीक्षण में ही माना जाएगा।
मुख्य बातें
- एसआईआर पूर्ण राज्यों में फॉर्म‑6 के साथ अतिरिक्त घोषणापत्र की अनिवार्यता समाप्त।
- एक व्यक्ति अधिकतम 10 फॉर्म‑7 ही जमा कर सकेगा।
- पश्चिम बंगाल में नाम जोड़ने की प्रक्रिया सरल और तेज़।
- ऑनलाइन पोर्टल की कार्यक्षमता बढ़ी, आवेदन ट्रैकिंग संभव।
- नाम जोड़ने‑हटाने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित।
इन बदलावों से मतदाता सूची का अद्यतन अधिक सटीक, तेज़ और पारदर्शी होगा, जिससे आगामी चुनावों में मतदाता सूची की विश्वसनीयता में सुधार की उम्मीद है।




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