रामपुर जेल में आज़म खान और अब्दुल्ला आज़म ने 2027 के विधानसभा चुनावों में भागीदारी का दावा किया
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रामपुर जेल में बंद आज़म खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म ने अपने करीबी युसूफ मलिक के साथ हालिया मुलाकात के बाद 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में लड़ने का दावा किया। यह बयान जेल के भीतर हुई मुलाकात के बाद सार्वजनिक किया गया, जिसमें दोनों ने कोर्ट से न्याय मिलने की आशा भी जताई।
मुलाकात के मुख्य बिंदु
तंजीम फातिमा और युसूफ मलिक ने रामपुर जेल में आज़म खान और अब्दुल्ला आज़म से मुलाकात की। मुलाकात के बाद युसूफ मलिक ने कहा कि दोनों आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे न्यायालय से अपना हक पाने की उम्मीद रखते हैं।
चुनाव प्रक्रिया पर आरोप
युसूफ मलिक ने दिल्ली में जंतर-मंतर पर हुए प्रोटेस्ट रोकने और वोट चोरी के मामलों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने रामपुर और कुंदरकी उपचुनाव में धांधली के आरोप लगाए और सीबीआई या न्यायिक जांच की मांग की।
मुख्य बातें
- रामपुर जेल में आज़म खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म ने 2027 के विधानसभा चुनाव में लड़ने का दावा किया।
- मुलाकात के बाद करीबी युसूफ मलिक ने कोर्ट से न्याय मिलने की आशा जताई।
- मलिक ने दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट रोकने और वोट चोरी के मामलों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर हमला किया।
- रामपुर और कुंदरकी उपचुनाव में धांधली के आरोपों पर सीबीआई या न्यायिक जांच की मांग की गई।
भविष्य की संभावनाएँ
यदि आज़म खान और अब्दुल्ला आज़म 2027 के चुनाव में उम्मीदवार बनते हैं, तो यह उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया मोड़ हो सकता है। वर्तमान में उनके खिलाफ कई कानूनी मामलों की प्रगति चल रही है, और यह देखना बाकी है कि न्यायालय उनका पक्ष में किस प्रकार का फैसला देगा।
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इस बीच, चुनाव आयोग और सरकार पर धांधली के आरोपों की जांच के लिए दबाव बना हुआ है, जिससे आगामी चुनावों की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।




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