जंतर-मंतर से प्रदर्शन स्थल का बदलाव: धरने अब रामलीला मैदान, बुराड़ी और सीबीडी ग्राउंड में
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दिल्ली पुलिस ने सोमवार को जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने का निर्णय लिया। इस कदम के बाद प्रदर्शनकारियों को अब रामलीला मैदान, बुराड़ी और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी ग्राउंड में धरने लगाने की अनुमति होगी। यह बदलाव आठ साल बाद जंतर-मंतर पर फिर से शांति स्थापित करेगा, जहाँ अब कोई नारा, न धरना और न मांगों की फेहरिस्त नहीं होगी।
परिवर्तन का कारण
जंतर-मंतर पर 2017 में एनजीटी के आदेश के बाद प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगा था। सिविल सोसाइटी ने उस प्रतिबंध का विरोध किया और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहाँ जुलाई 2018 में प्रतिबंध हटाया गया था। अब नई नीति के तहत पुलिस ने प्रदर्शन स्थल को पुनः व्यवस्थित किया है, जिससे जंतर-मंतर की ऐतिहासिक संरचना की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
नए प्रदर्शन स्थल
नए निर्धारित स्थलों में शामिल हैं:
- रामलीला मैदान – दिल्ली के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों में से एक, जहाँ बड़े पैमाने पर सभाएँ आयोजित की जा सकती हैं।
- बुराड़ी – उत्तर दिल्ली में स्थित, पहले से ही कई सामाजिक और राजनीतिक सभाओं का स्थल रहा है।
- सीबीडी ग्राउंड – पूर्वी दिल्ली में स्थित, जहाँ पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रदर्शन हुए हैं।
मुख्य बातें
- जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाया गया।
- प्रदर्शनकारियों को अब रामलीला मैदान, बुराड़ी और सीबीडी ग्राउंड में धरने लगाने की अनुमति होगी।
- यह निर्णय जंतर-मंतर की सुरक्षा और संरक्षण को ध्यान में रखकर लिया गया।
- पहले 2017 में लगाए गए प्रतिबंध को 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने हटाया था।
प्रभाव और आगे की दिशा
नई व्यवस्था से जंतर-मंतर जैसी ऐतिहासिक इमारतों की सुरक्षा में सुधार होगा और प्रदर्शनकारियों को वैध स्थान मिलेंगे जहाँ वे अपनी आवाज़ उठा सकेंगे। पुलिस ने कहा है कि नए स्थलों पर भी प्रदर्शन के नियमों का कड़ाई से पालन किया जाएगा, जिसमें शांति बनाए रखना, नारा न लगाना और पोस्टर व तख्तियों की सीमित संख्या रखना शामिल है।
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यह बदलाव दिल्ली के सार्वजनिक स्थानों के उपयोग में एक नया अध्याय खोलता है, जहाँ सुरक्षा, सांस्कृतिक संरक्षण और लोकतांत्रिक अधिकारों के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।




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