बेंच पर बिठाए वैभव सूर्यवंशी पर कोच मनीष ओझा ने किया टीम इंडिया पर हमला
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टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में वैभव सूर्यवंशी को लगातार बेंच पर बैठाने को लेकर भारतीय क्रिकेट के भीतर तीखी बहस छिड़ गई है। बचपन के कोच मनीष ओझा ने स्पोर्ट्स नाउ के साथ बातचीत में टीम इंडिया के प्रबंधन पर ‘तानाशाही’ का आरोप लगाया, यह सवाल उठाते हुए कि क्यों एक उभरते सितारे को खेल में मौका नहीं दिया जा रहा।
कोच मनीष ओझा की मुख्य शिकायतें
मनीष ओझा ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी एक ‘तूफान’ जैसा खिलाड़ी है, जिसे मैदान में उतारने से ही उसकी पूरी क्षमता सामने आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि बेंच पर बैठाकर किसी खिलाड़ी को तैयार नहीं किया जा सकता; बल्कि वास्तविक मैच परिस्थितियों में ही वह विकसित होता है। ओझा ने टीम इंडिया के प्रबंधन को ‘तानाशाही सोच’ का करार दिया, यह दर्शाते हुए कि वे केवल अपने मन में जो आता है, वही निर्णय ले रहे हैं।
बेंच पर बैठाने के प्रभाव पर कोच का दृष्टिकोण
ओझा ने कहा, “बेंच पर बैठके रहने से ना तो कोई खिलाड़ी तैयार हुआ है और ना ही होगा। वैभव बाहर बैठकर पानी परोस रहा है।” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यदि अगली पीढ़ी को तैयार करना है तो उन्हें खेलने का मौका देना आवश्यक है, न कि केवल बेंच पर रख कर उनका विकास मान लेना।
वैभव सूर्यवंशी का टी20 अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड
अब तक वैभव सूर्यवंशी ने 8 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 246 रन बनाए हैं, जिसकी औसत 30.75 और स्ट्राइक रेट 186 से अधिक है। इन मैचों में उन्होंने दो अर्धशतक, 18 छक्के और 22 चौके लगाए हैं। यह आँकड़े दर्शाते हैं कि वह सीमित अवसरों में भी प्रभावी प्रदर्शन कर सकते हैं।
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वेस्टइंडीज श्रृंखला में अवसर की स्थिति
वेस्टइंडीज के खिलाफ चल रही टी20 श्रृंखला में वैभव को अब तक कोई मौका नहीं मिला है, जबकि टीम ने अभी दो और टी20 मैच शेष रखे हैं। ओझा ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इन अंतिम दो मैचों में वैभव को खेलने का अवसर मिलना चाहिए, ताकि उसकी क्षमता का सही आकलन किया जा सके।
मुख्य बातें
- कोच मनीष ओझा ने टीम इंडिया के प्रबंधन को ‘तानाशाही’ का आरोप लगाया।
- वैभव सूर्यवंशी को वेस्टइंडीज श्रृंखला में तीनों मैचों में बेंच पर रखा गया।
- वैभव ने 8 टी20I में 246 रन, औसत 30.75, स्ट्राइक रेट 186, दो अर्धशतक, 18 छक्के और 22 चौके बनाए हैं।
- ओझा का मानना है कि वास्तविक मैच अनुभव ही खिलाड़ी को तैयार करता है, बेंच पर बैठाना विकास नहीं करता।
- वेस्टइंडीज के खिलाफ शेष दो टी20 मैचों में वैभव को खेलने का अवसर मिलने की उम्मीद है।
यह विवाद भारतीय क्रिकेट के चयन नीति और युवा खिलाड़ियों के विकास पर एक व्यापक चर्चा को जन्म दे सकता है, जहाँ प्रदर्शन के आधार पर अवसर प्रदान करने की आवश्यकता पर पुनः विचार किया जा रहा है।




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