सुप्रीम कोर्ट ने फॉर्म‑6 पर कोई फैसला नहीं सुनाया: स्पष्ट रुख
2 मिनट में पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट ने फॉर्म‑6 को लेकर अपना स्पष्ट रुख दिया, जिससे इस फॉर्म के भविष्य को लेकर चल रही अटकलों को कुछ हद तक स्पष्ट किया गया। कोर्ट ने कहा कि उसने न तो फॉर्म‑6 को मंजूरी दी है और न ही इसे खारिज किया है, यानी इस पर अभी तक कोई निर्णायक फैसला नहीं हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट का बयान
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने निर्वाचन आयोग द्वारा प्रस्तुत फॉर्म‑6 पर अपना रुख स्पष्ट किया। कोर्ट ने कहा कि इस फॉर्म के संबंध में न तो कोई अंतिम आदेश जारी किया गया है और न ही इसे स्वीकृति मिली है। यह बयान उन अटकलों के बीच आया था, जहाँ फॉर्म‑6 के लागू होने या निरस्त होने को लेकर विभिन्न धारणाएँ बन रही थीं।
फॉर्म‑6 का वर्तमान स्थिति
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि बिहार में एसआईआर (सूचना अधिकार) के दौरान नया फॉर्म‑6 उपलब्ध नहीं था। इस तथ्य से यह स्पष्ट होता है कि फॉर्म‑6 के प्रयोग या वितरण में अभी तक कोई आधिकारिक दिशा-निर्देश नहीं आया है।
मुख्य बातें
- सुप्रीम कोर्ट ने फॉर्म‑6 को न मंजूरी दी और न ही खारिज किया।
- फॉर्म‑6 पर अभी तक कोई निर्णायक फैसला नहीं हुआ है।
- बिहार में एसआईआर के समय नया फॉर्म‑6 उपलब्ध नहीं था।
- फॉर्म‑6 के भविष्य को लेकर अटकलें अभी भी बनी हुई हैं।
आगे क्या हो सकता है?
क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने अभी तक फॉर्म‑6 पर कोई अंतिम आदेश नहीं दिया है, इसलिए निर्वाचन आयोग को इस पर आगे की कार्यवाही या स्पष्टीकरण जारी करने की संभावना बनी रहती है। चुनाव प्रक्रिया में फॉर्म‑6 की भूमिका और उसका उपयोग कैसे होगा, यह देखना बाकी है।
आपके लिए संबंधित खबरें
वर्तमान में फॉर्म‑6 से संबंधित कोई नई नीति या दिशा‑निर्देश नहीं आया है, इसलिए निर्वाचन प्रक्रिया में इस फॉर्म की स्थिति को लेकर सभी पक्षों को सतर्क रहना चाहिए।




टिप्पणियाँ
0