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उत्तर प्रदेश में महिला पुलिस कार्यबल 10,000 से बढ़कर 44,000: योगी आदित्यनाथ ने नई सुरक्षा पहचान की घोषणा

3 मिनट में पढ़ें

By Kishan kumar Jain• प्रकाशित 12 Oct 2026• अपडेट 12 Oct 2026
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उत्तर प्रदेश में महिला पुलिस कार्यबल 10,000 से बढ़कर 44,000: योगी आदित्यनाथ ने नई सुरक्षा पहचान की घोषणा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर बताया कि 9.5 साल में उत्तर प्रदेश की महिला सुरक्षा तंत्र में क्रांतिकारी बदलाव आया है, जहाँ महिला पुलिस कार्यबल 10,000 से बढ़कर 44,000 से…

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की द्वितीया पर सोशल मीडिया के माध्यम से उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा के परिवर्तन को उजागर किया। उन्होंने बताया कि 2017‑2026 के बीच महिला पुलिस कार्यबल 10,000 से बढ़कर 44,000 से अधिक हो गया है, जिससे राज्य को ‘नारी सुरक्षा और सामर्थ्य की नई पहचान’ मिली है।

महिला सुरक्षा तंत्र में प्रमुख बदलाव

विगत 9.5 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अपराध‑प्रति जीरो टॉलरेंस नीति, तकनीक‑आधारित निगरानी, पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जन‑जागरूकता अभियानों को मिलाकर महिलाओं के लिए भय‑मुक्त वातावरण तैयार किया है। मुख्यमंत्री ने इन कदमों को दो मुख्य स्तंभों में विभाजित किया:

  • कानूनी एवं प्रशासनिक सख्ती: अपराधियों के खिलाफ कड़ी सजा, तेज़ केस ट्रैकिंग और विशेष कोर्टों की स्थापना।
  • तकनीकी एवं सामाजिक पहल: सीसीटीवी कवरेज बढ़ाना, मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से त्वरित SOS सेवा, और महिला‑सुरक्षा जागरूकता अभियान।

मिशन शक्ति और सेफ सिटी परियोजना

‘मिशन शक्ति’ के पाँच चरणों, ‘सेफ सिटी’ परियोजना, मिशन शक्ति केंद्र और महिला बीट पुलिसिंग जैसी पहलों ने सुरक्षा तंत्र को व्यापक और सुदृढ़ आधार प्रदान किया। इन पहलों के तहत:

  • हर जिले में कम से कम एक महिला बीट स्थापित किया गया, जहाँ महिला पुलिस अधिकारी स्थानीय महिलाओं की शिकायतें सीधे सुनते हैं।
  • सेफ सिटी परियोजना के तहत 100 से अधिक शहरों में सार्वजनिक स्थानों पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगे।
  • मिशन शक्ति केंद्रों में 24×7 हेल्पलाइन, मोबाइल ऐप और डैशबोर्ड के माध्यम से त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की गई।

महिला पुलिस कार्यबल में वृद्धि

मुख्यमंत्री ने बताया कि 20 % आरक्षण के साथ उत्तर प्रदेश में महिला पुलिस कार्यबल 10,000 से बढ़कर 44,000 से अधिक हो गया है। यह वृद्धि दो प्रमुख कारकों से संभव हुई:

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  • नए भर्ती दौर में महिला उम्मीदवारों को प्राथमिकता देना और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाना।
  • वर्तमान महिला पुलिसकर्मियों के लिए कैरियर उन्नति, नेतृत्व प्रशिक्षण और विशेष पदोन्नति योजना लागू करना।

इन आंकड़ों के साथ, लखनऊ, गोरखपुर और बदायूं में ‘वीरांगना’ नामक तीन महिला पीएसी बटालियन का गठन किया गया है। इन बटालियनों के नाम इस प्रकार हैं:

  • लखनऊ – वीरांगना ऊदा देवी पासी बटालियन
  • गोरखपुर – वीरांगना झलकारी बाई कोरी बटालियन
  • बदायूं – वीरांगना अवंतीबाई लोधी बटालियन

मुख्य बातें

  • महिला पुलिस कार्यबल 10,000 से बढ़कर 44,000 से अधिक हुआ।
  • ‘मिशन शक्ति’, ‘सेफ सिटी’ और महिला बीट पुलिसिंग जैसी पहलें लागू।
  • तीन महिला पीएसी बटालियन का गठन: लखनऊ, गोरखपुर, बदायूं।
  • तकनीक‑आधारित निगरानी, त्वरित कार्रवाई और जन‑जागरूकता अभियानों ने सुरक्षा माहौल को सुदृढ़ किया।
  • मुख्यमंत्री ने कहा, दृढ़ इच्छाशक्ति से असंभव लक्ष्य भी सिद्ध हो सकते हैं।

भविष्य की दिशा

योगी आदित्यनाथ ने नागरिकों को आश्वस्त किया कि डबल इंजन सरकार की नारी सुरक्षा से सशक्तीकरण की यात्रा जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि आगामी वर्षों में और अधिक महिला पुलिस केंद्र, तकनीकी उन्नति और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से उत्तर प्रदेश को ‘सशक्त नारी‑समृद्ध राज्य’ बनाना प्राथमिकता होगी।

इन सभी पहलों के साथ उत्तर प्रदेश ने न केवल महिला सुरक्षा में सुधार किया है, बल्कि महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी के लिए भी सशक्त बनाया है। यह परिवर्तन राज्य की नीतियों, प्रशासनिक दृढ़ता और जनता के सहयोग का परिणाम है।

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