इंदौर में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत ने शुरुआती 2 ओवर में बाउंड्री नहीं लगाई, 76 मैच और 33 महीने का रिकॉर्ड टूटा
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इंदौर के होलकर स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारतीय टीम ने शुरुआती दो ओवर में एक भी बाउंड्री नहीं लगाई। यह घटना पिछले 33 महीनों में 76 लगातार टी20 मैचों में बनी रही थी, जहाँ भारत ने हमेशा शुरुआती 12 गेंदों में कम से कम एक बाउंड्री जड़ी थी।
मैच की शुरुआत
वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की शुरुआत धीमी रही। भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने पिछले दो मैचों में तेज़ शुरुआत करके टीम को लाभ पहुंचाया था, पर इस बार उनका प्रदर्शन उल्टा रहा। पहले ओवर में वेस्टइंडीज के स्पिनर रॉस्टन चेज ने केवल चार रन दिए, सभी सिंगल्स थे। दूसरे ओवर में तेज़ गेंदबाज शमार जोसेफ ने आक्रमण किया, जिसमें भारत ने केवल सात रन बनाए और सैमसन का विकेट गिरा। इस दो ओवर के बाद भारत का स्कोर 1 विकेट पर 11 रन रहा।
रिकॉर्ड का टूटना
जनवरी 2024 के बाद से भारत ने हर टी20 मैच में शुरुआती 12 गेंदों में कम से कम एक बाउंड्री लगाई थी। इस सिलसिले को 33 महीने और 76 लगातार मैचों में बनाए रखा गया था। इंदौर के इस मैच में वेस्टइंडीज ने इस निरंतरता को तोड़ दिया, जिससे भारतीय टीम को अपने आक्रमणात्मक खेल में एक नई चुनौती का सामना करना पड़ा।
टीम की स्थिति
रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने 2024 में टी20 विश्व कप जीता था, और 2026 में सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में वही खिताब बरकरार रखा था। हालांकि, इस मैच में बाउंड्री की कमी ने दर्शकों को आश्चर्यचकित कर दिया और टीम को शुरुआती ओवर में अधिक रफ्तार लाने की आवश्यकता को उजागर किया।
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मुख्य बातें
- इंदौर में भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरुआती 2 ओवर में कोई बाउंड्री नहीं लगाई।
- यह पहली बार जनवरी 2024 के बाद हुआ, जब भारत ने 76 लगातार टी20 मैचों में यह रिकॉर्ड बनाए रखा था।
- पहले ओवर में रॉस्टन चेज ने 4 रन (सिंगल्स) दिए, दूसरे ओवर में शमार जोसेफ ने 7 रन (4 बाई) और सैमसन का विकेट गिराया।
- स्कोर 1 विकेट पर 11 रन के साथ समाप्त हुआ, जिससे शुरुआती आक्रमण में कमी स्पष्ट हुई।
भविष्य में भारतीय टीम को शुरुआती ओवर में रफ़्तार बढ़ाने और बाउंड्री की निरंतरता बनाए रखने के लिए रणनीतिक बदलाव करने की जरूरत होगी।




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