रेलवे ने 40 घंटे से अधिक यात्रा वाली 11 लंबी दूरी की ट्रेनों की स्वच्छता पर की कड़ी निगरानी
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रेलवे बोर्ड ने जोनल रेलवे को एक पत्र के माध्यम से निर्देश दिया है कि 40 घंटे से अधिक की यात्रा अवधि वाली 11 लंबी दूरी की ट्रेनों में स्वच्छता, रखरखाव और सेवा‑योग्यता को लगातार सुनिश्चित किया जाए। इस पहल के तहत इन ट्रेनों की पूरी यात्रा के दौरान हाउसकीपिंग, शौचालय, अपशिष्ट प्रबंधन और कोच की छोटी‑मोटी सुविधाओं में उत्पन्न होने वाली किसी भी कमी को तुरंत दूर करने की व्यवस्था की गई है।
पहचान और निगरानी का ढांचा
रेलवे बोर्ड ने इन 11 ट्रेनों को उनके ओनिंग डिपो द्वारा करीबी निगरानी के तहत रखा है। मेंटेनेंस सुपरवाइज़र और कोचिंग डिपो अधिकारी (CDO) को ट्रेनों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि जोनल रेलवे स्तर पर अधिकारी साप्ताहिक आधार पर यात्रियों की शिकायतों, उनके निवारण और स्वच्छता की स्थिति की समीक्षा करेंगे।
ऑन‑बोर्ड हाउसकीपिंग सर्विसेज (OBHS) की भूमिका
OBHS एजेंसियों के प्रदर्शन को CMM पोर्टल पर उपलब्ध विवरण के साथ Rail Madad में एकीकृत किया गया है। इससे शिकायतों का त्वरित पता लगाना और एजेंसियों के प्रदर्शन के आधार पर उनका आकलन संभव हो रहा है। जोनल रेलवे को इन ट्रेनों के डिपो सुपरवाइज़र और अधिकारियों के लिए प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (KPI) निर्धारित करने की सलाह भी दी गई है।
यात्रा के दौरान सफाई और रखरखाव
ट्रेन के मार्ग में चिन्हित क्लीन ट्रेन स्टेशन (CTS) पॉइंट्स पर पर्याप्त जनशक्ति, उपभोग्य सामग्री और उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। CTS टीमों द्वारा किए गए कार्य की प्रभावशीलता की जिम्मेदारी संबंधित ओनिंग मंडल की होगी। छोटे‑मोटे मरम्मत कार्यों के लिए OBHS कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा, तथा CTS पॉइंट्स पर प्लंबर, विद्युत कर्मी और अन्य आवश्यक स्टाफ तैनात किए जा सकते हैं।
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बायो‑टॉयलेट और अपशिष्ट प्रबंधन
चिन्हित ट्रेनों में बायो‑टॉयलेट की पूरी जांच की जाएगी और यात्रा के दौरान उनका निर्बाध संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। OBHS योजना के तहत प्रत्येक दो घंटे में कचरा संग्रहण का प्रावधान है, जिससे कोचों में कचरा ट्रैक पर फेंके जाने से रोका जा सके। एकत्रित कचरा नामित निस्तारण या CTS पॉइंट्स पर सौंपा जाएगा।
फोटोग्राफिक रिकॉर्ड और जवाबदेही
नामित यात्रा मार्ग के निरीक्षण पॉइंट्स, आरंभिक और गंतव्य स्टेशनों पर कोचों और शौचालयों की समय‑चिह्नित तस्वीरें ली जाएंगी। यह फोटोग्राफिक रिकॉर्ड स्वच्छता और रखरखाव के नियमित आकलन में सहायक होगा। डिपो यह भी सुनिश्चित करेंगे कि आवश्यकतानुसार अतिरिक्त रेक उपलब्ध हों और किसी भी रेक को कमियों के साथ सेवा में न लगाया जाए।
जागरूकता और प्रशिक्षण
OBHS कर्मचारियों को यात्रियों के साथ शिष्टाचार और व्यवहार के लिए नियमित प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही यात्रियों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।
DRM की देखरेख और शिकायत निवारण
मंडल रेल प्रबंधक (DRM) अपने‑अपने मंडलों में इन ट्रेनों के प्रदर्शन की निगरानी करेंगे और यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देंगे। बार‑बार प्राप्त होने वाली शिकायतों का मूल कारणों के आधार पर विश्लेषण कर बिना विलंब के सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। लक्ष्य केवल आरंभिक स्टेशन पर सुधार नहीं, बल्कि पूरी यात्रा के दौरान निरंतर स्वच्छता और सेवा‑योग्यता सुनिश्चित करना है।
मुख्य बातें
- 40 घंटे से अधिक यात्रा अवधि वाली 11 लंबी दूरी की ट्रेनों को विशेष निगरानी के तहत रखा गया।
- ओनिंग डिपो, मेंटेनेंस सुपरवाइज़र और CDO ट्रेनों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
- OBHS एजेंसियों के प्रदर्शन को Rail Madad के साथ एकीकृत किया गया।
- CTS पॉइंट्स पर जनशक्ति, सामग्री और उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
- बायो‑टॉयलेट की पूरी जांच और दो‑घंटे में कचरा संग्रहण का प्रावधान।
- समय‑चिह्नित फोटोग्राफिक रिकॉर्ड से जवाबदेही मजबूत होगी।
- DRM मंडल स्तर पर निरंतर निगरानी और शिकायतों का त्वरित निवारण करेंगे।
रेलवे ने कहा है कि इस नई निगरानी व्यवस्था से यात्रियों को सफ़ाई, सुविधा और सुरक्षा के उच्च मानकों का अनुभव होगा, और भविष्य में और अधिक लंबी दूरी की ट्रेनों को इस योजना में शामिल किया जा सकता है।




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