प्रेमानंद महाराज के यमुना विहार कुंज आश्रम में सुरक्षा और लापता शिष्यों के रहस्य
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संत प्रेमानंद महाराज के यमुना विहार कुंज आश्रम में पिछले पाँच महीनों से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और शिष्यों की लापता स्थिति ने कई प्रश्न उठाए हैं। रसिका दुलारी शरण की संदिग्ध आत्महत्या के बाद से इस आश्रम के बारे में चर्चा तेज़ हो गई है।
आश्रम का स्थान और सुरक्षा व्यवस्था
प्रेमानंद महाराज ने अपने मूल केली कुंज आश्रम से बेलवन स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम में स्थानांतरित होने के बाद, इस स्थल को “एकांतवास” कहा है। आश्रम यमुना खादर के भीतर बना है और महालक्ष्मी मंदिर के पास से जाने वाले रास्ते पर कई सीसीटीवी कैमरे स्थापित हैं।
आश्रम के भीतर प्रवेश अत्यंत कठिन माना जाता है। शिष्यों ने बैरिकेड लगाकर बाहरी लोगों को रोकने की व्यवस्था की है, जिससे आम जनता के लिए प्रवेश प्रतिबंधित हो गया है।
रसिका दुलारी शरण की मृत्यु और उसके बाद के कदम
रसिका दुलारी शरण की मृत्यु को संदिग्ध आत्महत्या के रूप में रिपोर्ट किया गया है। इस घटना के बाद प्रेमानंद महाराज ने शिष्यों को सांसारिक लीलाओं को छोड़कर भजन और ध्यान पर केंद्रित रहने का संदेश दिया।
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लापता शिष्यों की स्थिति
आश्रम में रहने वाले कुछ शिष्यों की लापता होने की खबरें सामने आई हैं। इन मामलों में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, परन्तु स्थानीय लोगों और कुछ अनुयायियों ने इस पर सवाल उठाए हैं।
मुख्य बातें
- प्रेमानंद महाराज पिछले पाँच महीनों से बेलवन के यमुना विहार कुंज आश्रम में एकांतवास में हैं।
- आश्रम यमुना खादर के भीतर स्थित है, महालक्ष्मी मंदिर के पास के रास्ते पर कई सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।
- आश्रम के भीतर प्रवेश कठिन, शिष्यों द्वारा बैरिकेड लगाकर बाहरी लोगों को रोका जाता है।
- रसिका दुलारी शरण की मृत्यु को संदिग्ध आत्महत्या माना गया; इसके बाद शिष्यों को भजन‑ध्यान पर ध्यान देने का निर्देश मिला।
- आश्रम में कुछ शिष्यों की लापता होने की खबरें सामने आई हैं, परन्तु आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
स्थानीय प्रतिक्रिया और भविष्य की संभावनाएँ
स्थानीय लोग और अनुयायी आश्रम की कड़ी सुरक्षा और लापता शिष्यों के बारे में चिंतित हैं। कई लोग आश्रम के भीतर की गतिविधियों को लेकर सवाल उठाते हैं और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। हालांकि, वर्तमान में आश्रम के प्रबंधन ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
भविष्य में इस मुद्दे पर अधिक जानकारी मिलने की संभावना है, विशेषकर यदि स्थानीय प्रशासन या पुलिस द्वारा कोई जांच शुरू की जाती है। तब तक, इस आश्रम की स्थिति और शिष्यों की स्थिति पर सतर्कता बनी रहेगी।




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