पाकिस्तान में खैबर पख्तूनख्वा में खुफिया ऑपरेशन: 5 आतंकवादी मारे, 13 संदिग्ध गिरफ्तार
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पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने शनिवार को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में खुफिया जानकारी के आधार पर एक बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। इस ऑपरेशन में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से जुड़े पाँच आतंकवादियों को मार गिराया गया और बड़ी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद बरामद किया गया। उसी समय, पंजाब प्रांत में 13 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया, जिससे सीमा‑पार आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान की कड़ी कार्रवाई स्पष्ट हुई।
खैबर पख्तूनख्वा में ऑपरेशन के मुख्य बिंदु
सुरक्षा बलों ने दक्षिण वजीरिस्तान जिले में खुफिया जानकारी के आधार पर ‘फितना अल-खवारिज’ से जुड़े कई ठिकानों को निशाना बनाया। इस अभियान में पाँच आतंकियों को मार गिराया गया और उनके ठिकानों से बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई पिछले हफ्ते डेरा इस्माइल खान में हुई आत्मघाती बम हमले और कोहाट शहर में विस्फोटक‑भरी कार के टकराव के बाद की गई, जिनमें कुल मिलाकर 32 लोगों की मौत और कई घायल हुए थे।
मुख्य बातें
- खैबर पख्तूनख्वा के दक्षिण वजीरिस्तान जिले में खुफिया‑आधारित अभियान चलाया गया।
- ऑपरेशन में पाँच टीटीपी जुड़े आतंकियों को मार गिराया गया।
- बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक बरामद हुए।
- पिछले हफ्ते दो बड़े हमलों में 32 लोगों की मौत हुई, जिनका संबंध टीटीपी से था।
पंजाब में 13 संदिग्धों की गिरफ्तारी
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की पुलिस ने पिछले एक हफ्ते में 98 खुफिया अभियानों के बाद 13 संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया। इन गिरफ्तारियों में लाहौर, सरगोधा, गुजरात, पाकपट्टन, रावलपिंडी, मंडी बहाउद्दीन, फैसलाबाद, खुशाब, चिनियोट और खानिवाल जिलों से जुड़े लोग शामिल थे। गिरफ्तारियों के दौरान 1.9 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक, 12 डेटोनेटर, तीन संवर्धित विस्फोटक उपकरण (आईईडी), एक हथगोला और प्रतिबंधित साहित्य बरामद किया गया।
गिरफ्तारी के विवरण
- गिरफ्तारी का कारण: तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, अल-कायदा, आईएसआईएस और अन्य प्रतिबंधित संगठनों से संबंध।
- बरामद सामग्री: 1.9 kg से अधिक विस्फोटक, 12 डेटोनेटर, 3 आईईडी, 1 हथगोला, प्रतिबंधित साहित्य।
- गिरफ्तारी के बाद 13 मामलों में FIR दर्ज की गई, जांच जारी है।
पाकिस्तान की संघीय सरकार ने इन कार्रवाइयों को आतंकवाद के सफ़ाए के हिस्से के रूप में बताया है, विशेषकर अफगानिस्तान सीमा के निकट स्थित क्षेत्रों में बढ़ती हिंसा को रोकने के उद्देश्य से।




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