इंद्रप्रस्थ नृत्य महोत्सव: पुराना किला में शास्त्रीय नृत्य की बहुरंगी प्रस्तुति
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दिल्ली के ऐतिहासिक पुराना किले में शुक्रवार से शुरू हुआ इंद्रप्रस्थ नृत्य महोत्सव, शास्त्रीय नृत्य की विविध शैलियों को एक मंच पर लाने का अद्वितीय प्रयास है। दिल्ली सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय महोत्सव में 2 से 4 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 6:30 बजे मुफ्त प्रवेश पर देश‑विदेश के प्रमुख कलाकार मंच सजाएंगे।
उद्घाटन और सरकारी समर्थन
उद्घाटन समारोह में कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि पुराना किला जैसे धरोहर स्थल पर इस प्रकार का आयोजन दिल्ली को केवल राजनीतिक राजधानी नहीं, बल्कि सांस्कृतिक राजधानी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने युवा पीढ़ी को भारतीय कला‑संस्कृति से जोड़ने के लिए ऐसे मंचों की आवश्यकता पर बल दिया और नई सांस्कृतिक पहलों के सुझाव देने का आह्वान किया।
महोत्सव की थीम और समय‑सारणी
‘विकास भी, विरासत भी’ थीम के तहत महोत्सव में आठ शास्त्रीय नृत्य शैलियों की प्रस्तुतियां होंगी:
- कुचिपुड़ी
- ओडिसी
- भरतनाट्यम
- कथक
- सत्रिया
- मोहिनीअट्टम
- कथकली
- मणिपुरी
पहले दिन (2 अक्टूबर) में पद्म भूषण गुरु राजा एवं राधा रेड्डी समूह ने कुचिपुड़ी, पद्म श्री रामली इब्राहिम ने ओडिसी, गुरु वास्वती मिश्रा ने भरतनाट्यम, कलाक्षेत्र चेन्नई ने सत्रिया, ध्वनि दिल्ली ने कथक प्रस्तुत किया।
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दूसरे दिन (3 अक्टूबर) की मुख्य प्रस्तुतियां
- भरतनाट्यम – परश्वनाथ उपाध्ये एवं आदित्य पी.वी.
- सत्रिया – गुरु अनिता शर्मा एवं समूह
- मोहिनीअट्टम – गुरु पल्लवी कृष्णन
- कथकली – गुरु पल्लवी कृष्णन
- कथक – गुरु शमा भाटे एवं समूह
तीसरे दिन (4 अक्टूबर) की प्रस्तुतियां
- लोक छंदा – विभिन्न कलाकार समूह
- नृत्यग्राम – समूह प्रस्तुति
- गुरु सुरूपा सेन, गुरु लतासना देवी एवं समूह की प्रस्तुतियां
मुख्य बातें
- स्थान: पुराना किला, दिल्ली
- तारीख: 2‑4 अक्टूबर 2024
- समय: रोज़ शाम 6:30 बजे
- प्रवेश: निःशुल्क
- आयोजनकर्ता: दिल्ली सरकार, पर्यटन विभाग
- थीम: विकास भी, विरासत भी
- प्रस्तुति शैलियां: कुचिपुड़ी, ओडिसी, भरतनाट्यम, कथक, सत्रिया, मोहिनीअट्टम, कथकली, मणिपुरी
भविष्य की संभावनाएं
महोत्सव के समापन पर कलाकारों और संस्कृति प्रेमियों ने इस मंच को जारी रखने की आशा व्यक्त की। दिल्ली सरकार ने इस तरह के कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित कर शहर की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रखने का संकल्प जताया है।




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