एशियन गेम्स 2026 की क्लोजिंग सेरेमनी में नीरू ढांडा ने ध्वज संभाला, दो गोल्ड और एक सिल्वर से रचा इतिहास
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एशियन गेम्स 2026 की क्लोजिंग सेरेमनी में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली महिला ध्वजवाहक का नाम घोषित हो गया है। 27‑वर्षीय स्टार ट्रैप निशानेबाज नीरू ढांडा को इस सम्मान से नवाज़ा गया, जो उन्होंने नागोया में अपने शानदार प्रदर्शन से अर्जित किया।
नीरू ढांडा का एशियन गेम्स में अद्वितीय सफर
नागोया की शूटिंग रेंज में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में नीरू ने तीन मेडल जीतकर इतिहास रचा। उन्होंने महिला ट्रैप व्यक्तिगत इवेंट में गोल्ड मेडल हासिल किया, जिससे भारत का पहला ट्रैप व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जुड़ गया। इसके बाद महिला टीम इवेंट में मनीषा कीर और आशिमा अहलावत के साथ मिलकर सिल्वर मेडल जीता। अंत में ट्रैप मिक्स्ड टीम इवेंट में कायनन चेनाई के साथ जोड़ी बनाकर दूसरा गोल्ड मेडल जीतकर अपने मेडल काउंट को तीन तक पहुंचाया।
मुख्य बातें
- नीरू ढांडा ने एशियन गेम्स 2026 में दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीते।
- वह महिला ट्रैप व्यक्तिगत इवेंट में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय निशानेबाज बन गईं।
- ट्रैप मिक्स्ड टीम इवेंट में कायनन चेनाई के साथ जोड़ी बनाकर दूसरा गोल्ड मेडल हासिल किया।
- क्लोजिंग सेरेमनी में नीरू को महिला ध्वजवाहक चुना गया, जिससे भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गर्व मिला।
- ध्वजवाहक का निर्णय भारतीय दल के डिप्टी शेफ डी मिशन और पूर्व दिग्गज निशानेबाज अंजलि भागवत ने किया।
ध्वजवाहक का चयन और आगामी कार्यक्रम
भारतीय दल के डिप्टी शेफ डी मिशन और पूर्व दिग्गज निशानेबाज अंजलि भागवत ने आधिकारिक तौर पर नीरू ढांडा को महिला ध्वजवाहक घोषित किया। भागवत ने बताया कि नीरू कल सुबह नागोया से भारत लौटेंगी और फिर शनिवार को दोबारा नागोया के लिए उड़ान भरेंगी, जहाँ वह क्लोजिंग सेरेमनी में तिरंगा धारण करेंगी। पुरुष ध्वजवाहक का चयन अभी शेष है और शनिवार को किया जाएगा।
नागर्य में नीरू का ऐतिहासिक प्रदर्शन
नागोया में आयोजित शूटिंग इवेंट में नीरू ने अपने सटीक निशानों से सभी प्रतिस्पर्धियों को मात दी। महिला ट्रैप व्यक्तिगत इवेंट में उनका गोल्ड प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा, जहाँ उन्होंने 125 लक्ष्य में 122 हिट कर रिकॉर्ड तोड़ दिया। टीम इवेंट में मनीषा कीर और आशिमा अहलावत के साथ उनका सहयोग सिल्वर पदक दिलाने में सफल रहा। मिक्स्ड टीम इवेंट में कायनन चेनाई के साथ उनका समन्वय दो गोल्ड मेडल की गारंटी बन गया।
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भारत के लिए महत्व
नीरू की इस उपलब्धि ने भारत के शूटरों के लिए नई प्रेरणा स्थापित की है। एशियन गेम्स में ट्रैप शूटरों की कम प्रतिनिधित्व को देखते हुए, नीरू का तीन मेडल वाला प्रदर्शन भारतीय शूटिंग संघ के लिए एक मील का पत्थर है। साथ ही, क्लोजिंग सेरेमनी में ध्वजवाहक के रूप में उनका चयन राष्ट्रीय गर्व को और बढ़ाता है।
आगे की राह
नीरू ढांडा ने बताया कि वह आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट और ओलंपिक क्वालिफिकेशन के लिए तैयारी जारी रखेंगी। उनका लक्ष्य अगले एशियन गेम्स और ओलंपिक में भी पदक जीतना है, जिससे भारत की शूटिंग शक्ति को और सुदृढ़ किया जा सके।
एशियन गेम्स 2026 की क्लोजिंग सेरेमनी रविवार को आयोजित होगी, जहाँ नीरू ढांडा भारतीय ध्वज को गर्व से लहराते हुए दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देंगी।




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