हिमाचल के सेब बागानों में 48% फसल में गिरावट: कारण और सरकारी उपाय
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हिमाचल प्रदेश में इस साल सेब की फसल में लगभग 48 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई है, जिससे राज्य के किसानों और अर्थव्यवस्था दोनों पर गहरा असर पड़ रहा है। बागवानी विभाग ने बताया कि पुराने बागानों में लगातार पैदावार घट रही है और बदलते मौसम के कारण नई खेती तकनीकों की आवश्यकता है।
सेब उत्पादन में गिरावट के आँकड़े
बागवानी निदेशक सतीश कुमार के अनुसार, पिछले साल लगभग 2.18 करोड़ बॉक्स सेब बाजार में पहुंचे थे, जबकि इस साल यह संख्या घटकर लगभग 1.15 करोड़ बॉक्स रह गई है। विभाग का अनुमान है कि पूरे सीजन में कुल उत्पादन 1.5 करोड़ बॉक्स तक सीमित रहेगा। पिछले साल हिमाचल में लगभग 7 लाख टन सेब का उत्पादन हुआ था, जो इस साल 3.5 से 3.75 लाख टन के बीच रहने की संभावना है।
मुख्य कारण
- जलवायु परिवर्तन: बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और अनपेक्षित बर्फबारी ने फसल को गंभीर नुकसान पहुँचाया।
- पुराने बागानों की खेती पद्धति: परम्परागत तरीकों से बागवानी अब पर्याप्त नहीं रही, जिससे पैदावार में निरंतर गिरावट आई।
- ऊपरी शिमला में विशेष नुकसान: शिमला के ऊपरी इलाकों में फसल सबसे अधिक प्रभावित हुई, जहाँ कई बागवानों ने खराब फसल की रिपोर्ट दी।
सरकारी प्रतिक्रिया और नई तकनीकें
बागवानी विभाग अब घने बाग लगाने की तकनीक को बढ़ावा दे रहा है। करसोग में 1 से 1.5 लाख अधिक घनत्व वाले पौधे तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें विभिन्न ऊँचाई वाले क्षेत्रों में लगाया जाएगा। विभाग का मानना है कि यह तकनीक बदलते मौसम के अनुकूल होगी और भविष्य में उत्पादन में सुधार लाएगी।
राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि सरकार बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS) के तहत सेब की खरीद कीमत बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इस प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की बैठक में रखा जाएगा, जिससे बागवानों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
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सेब का आर्थिक महत्व
हिमाचल में सेब का कारोबार लगभग 5,000 करोड़ रुपये का है और लगभग 2.5 लाख परिवार सीधे सेब खेती से जुड़े हैं। सेब का सीजन सामान्यतः 15 जून से अक्टूबर के अंत तक चलता है, जिसमें निचले इलाकों में शुरुआती किस्में जून के अंत से और ऊँचे तथा आदिवासी क्षेत्रों में अक्टूबर के अंत तक उपलब्ध होती हैं।
मुख्य बातें
- सेब उत्पादन में 48% गिरावट, 1.5 करोड़ बॉक्स तक सीमित अनुमान।
- बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि, बर्फबारी और पुराने बागानों की खेती मुख्य कारण।
- घने बाग लगाने की नई तकनीक को विभाग द्वारा प्रोत्साहित किया जा रहा है।
- सरकार बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत कीमत बढ़ाने की योजना बना रही है।
- सेब उद्योग का मूल्य 5,000 करोड़ रुपये, 2.5 लाख परिवारों की आजीविका से जुड़ा।




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