चीन से सस्ते मोबाइल कवर पर एंटी‑डंपिंग ड्यूटी की संभावना: सरकार की नई सिफ़ारिश
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भारत में मोबाइल कवर की कीमतों में अचानक बदलाव देखना संभव है। वाणिज्य मंत्रालय के अंतर्गत डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज (DGTR) ने चीन से आयी सस्ती मोबाइल कवर पर 5 साल तक एंटी‑डंपिंग ड्यूटी लगाने की सिफ़ारिश की है। इस सिफ़ारिश के अनुसार, हर 1,000 कवर पर 72 डॉलर (लगभग 7 रुपये) की अतिरिक्त ड्यूटी लग सकती है। हालांकि, DGTR और उद्योग विशेषज्ञों के अनुमान के अनुसार इस ड्यूटी का अंतिम खुदरा कीमत पर असर 1 % से भी कम रहेगा।
ड्यूटी की पृष्ठभूमि और कारण
ड्यूटी की मांग भारत में मोबाइल कवर बनाने वाली कंपनियों की शिकायतों से उत्पन्न हुई। भारतीय निर्माताओं ने कहा कि चीन से बहुत कम कीमत में कवर आय रहे हैं, जिससे उनकी बाजार हिस्सेदारी घट रही है। DGTR ने जांच शुरू की और पाया कि पिछले कुछ वर्षों में चीन से आयी कवर की संख्या में तीव्र वृद्धि हुई है।
आयात मात्रा और कीमत में बदलाव
- वित्त वर्ष 2021‑22 में लगभग 10 लाख मोबाइल कवर चीन से आयी थीं।
- वित्त वर्ष 2023‑24 तक यह संख्या 765 लाख तक बढ़ गई।
- 2021‑22 में एक कवर की औसत आयात कीमत लगभग 18 रुपये थी, जबकि 2024‑25 में यह घटकर 2 रुपये 14 पैसे रह गई।
भारतीय निर्माताओं पर प्रभाव
सस्ते आयातित कवरों के कारण भारतीय कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी में भारी गिरावट आई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय निर्माताओं की हिस्सेदारी 98 % से घटकर लगभग 49 % रह गई, जबकि चीन से आयी कवरों की हिस्सेदारी 2 % से बढ़कर 51 % तक पहुँच गई।
देश में 40 से अधिक मोबाइल कवर बनाने वाली यूनिट्स हैं, पर DGTR की जांच में लगभग 10 यूनिट्स के बंद होने की सूचना मिली। कई कंपनियां अपनी उत्पादन क्षमता का 27‑30 % ही उपयोग कर पा रही थीं, जिससे बिका न हुआ स्टॉक बढ़ता गया।
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ड्यूटी के अपवाद
DGTR ने बताया कि सभी कवरों पर ड्यूटी नहीं लगेगी। दो चीनी कंपनियों को ड्यूटी से बाहर रखा गया है, क्योंकि उनका कारोबार नियमों के अनुरूप पाया गया। इसके अलावा, अरामिड फाइबर से बने महंगे कवरों पर भी ड्यूटी नहीं लगेगी, क्योंकि ऐसे कवर भारत में निर्मित नहीं होते। मोबाइल कवर निर्माता Spigen ने पारदर्शी कवर को ड्यूटी से बाहर रखने की मांग की थी, पर DGTR ने इस मांग को नहीं माना।
ड्यूटी लागू होने की स्थिति
वर्तमान में DGTR ने केवल सिफ़ारिश की है; ड्यूटी अभी लागू नहीं हुई है। वित्त मंत्रालय को इस सिफ़ारिश पर अंतिम निर्णय लेना है। यदि मंत्रालय मंजूरी देता है और नोटिफ़िकेशन जारी करता है, तभी ड्यूटी लागू होगी। इसलिए फिलहाल उपभोक्ताओं को कीमत में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखेगा।
ड्यूटी का संभावित असर
सिफ़ारिश के अनुसार, एक कवर पर लगभग 7 रुपये की ड्यूटी लग सकती है। पर DGTR और उद्योग के अनुमान के अनुसार, इस ड्यूटी का कुल खुदरा कीमत पर असर 1 % से भी कम रहेगा। इसका मतलब है कि यदि ड्यूटी लागू भी होती है, तो कवर की कीमत में मामूली वृद्धि ही होगी।
मुख्य बातें
- DGTR ने चीन से आयी सस्ती मोबाइल कवर पर 5 साल तक एंटी‑डंपिंग ड्यूटी लगाने की सिफ़ारिश की।
- ड्यूटी का प्रस्ताव: हर 1,000 कवर पर 72 डॉलर (लगभग 7 रुपये)।
- ड्यूटी का अनुमानित असर: अंतिम खुदरा कीमत पर 1 % से कम।
- ड्यूटी अभी लागू नहीं हुई; वित्त मंत्रालय को मंजूरी देनी होगी।
- ड्यूटी के अपवाद: दो चीनी कंपनियां, अरामिड फाइबर कवर, और कुछ विशेष पारदर्शी कवर।
- चीन से आयी कवरों की संख्या 2021‑22 में 10 लाख से बढ़कर 2023‑24 में 765 लाख, कीमत 18 रुपये से घटकर 2 रुपये 14 पैसे।
- भारतीय निर्माताओं की बाजार हिस्सेदारी 98 % से घटकर 49 %; आयातित कवरों की हिस्सेदारी 2 % से बढ़कर 51 %।
ड्यूटी की अंतिम मंजूरी और उसके बाद के बाजार प्रभाव को देखते हुए, उपभोक्ताओं को कीमत में मामूली बदलाव का सामना करना पड़ सकता है, जबकि भारतीय निर्माताओं को प्रतिस्पर्धा में कुछ राहत मिलने की संभावना है।




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