ED ने कोलकाता में MassArt घोटाले के 15 ठिकानों पर छापेमारी की, कई दस्तावेज़ और डिजिटल डिवाइस जब्त
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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता में Mass Art Society (MassArt) से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले की जाँच में 15 ठिकानों पर सर्च और सीज़र ऑपरेशन किया। यह कार्रवाई 29 सितंबर को कोलकाता जोन‑I टीम द्वारा, Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत की गई।
छापेमारी के मुख्य बिंदु
- ED की टीम ने 15 ठिकानों, जिनमें आवासीय और कार्यालय परिसर शामिल हैं, पर सर्च किया।
- जांच के दायरे में MassArt के पदाधिकारी, पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन और उनके करीबी लोग शामिल हैं।
- MassArt द्वारा दुर्गा पूजा के ‘Preview Shows’ के नाम पर एक लाख से अधिक टिकट बेचे गए, जिनकी कीमत ₹1,749‑₹5,499 थी।
- टिकट बिक्री से जुटाई गई राशि को ‘कैश निकासी’ और ‘miscellaneous expenses’ के रूप में दिखाकर निकाला गया।
- इंद्रनील सेन के पर्यटन‑संस्कृति मंत्रालय से जुड़े ₹85 करोड़ से अधिक के टेंडर की भी जाँच चल रही है।
- Octave Records के बैंक खातों में ₹3.8 करोड़ से अधिक जमा और ममता बनर्जी को लगभग ₹30 लाख ट्रांसफर का उल्लेख ED की प्रेस नोट में है।
- छापेमारी के दौरान कई डिजिटल डिवाइस, दस्तावेज़ और बैंक लेन‑देनों से संबंधित सामग्री जब्त की गई।
घोटाले की पृष्ठभूमि
ED की जांच कोलकाता पुलिस के Bowbazar थाने में दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई। शिकायत में इंद्रनील सेन, MassArt की अध्यक्ष मधुचंदा सेन, सचिव ध्रुबज्योति बोस, उपाध्यक्ष सायंतन मैत्रा और कोषाध्यक्ष रंजन चटर्जी सहित कई नाम शामिल थे।
जांच के अनुसार, 2022‑2025 के बीच MassArt ने लोगों को यह भरोसा दिलाते हुए बड़ी रकम जुटाई कि संस्था UNESCO से जुड़ी या UNESCO द्वारा प्रायोजित है। इस भरोसे के आधार पर दुर्गा पूजा के 24 पंडालों के ‘Preview Shows’ के लिए एक लाख से अधिक टिकट बेचे गए। टिकटों की कीमत ₹1,749‑₹5,499 के बीच थी, और इनसे प्राप्त राशि को ‘कैश निकासी’ तथा ‘miscellaneous expenses’ के नाम पर खर्च दिखाकर निकाला गया।
टेंडर और वित्तीय लेन‑देनों की जाँच
जांच में इंद्रनील सेन के मंत्री रहते पर्यटन‑संस्कृति मंत्रालय से जुड़े ₹85 करोड़ से अधिक के कई टेंडरों का उल्लेख है। ये टेंडर ध्रुबज्योति बोस और दिपेश रॉय से जुड़ी संस्थाओं को मिले थे, जिन्हें इंद्रनील सेन के करीबी माना गया। आगे की जाँच में बताया गया कि इन संस्थाओं से इंद्रनील सेन के रिश्तेदारों की कंपनियों में धनराशि ट्रांसफर की गई।
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ED ने यह भी कहा कि इन कंपनियों के बैंक खातों से बड़ी मात्रा में नकद निकाला गया, जिससे धनशोधन के संकेत मिलते हैं।
ममता बनर्जी का उल्लेख
ED की प्रेस नोट में पश्चिम बंगाल की तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम केवल एक वित्तीय लेन‑देन के संदर्भ में आया है। रिपोर्ट के अनुसार, इंद्रनील सेन और उनके प्रॉप्राइटरशिप concern M/s Octave Records के बैंक खातों में उनके मंत्री रहते ₹3.8 करोड़ से अधिक जमा हुए। इन खातों से लगभग ₹30 लाख ममता बनर्जी को ‘royalty’ के रूप में ट्रांसफर किए गए, जैसा कि ED ने बताया। ममता बनर्जी को इस मामले में आरोपी नहीं बताया गया है।
जब्त की गई सामग्री
छापेमारी के दौरान ED ने कई डिजिटल डिवाइस (मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट) और दस्तावेज़ (लेन‑देन की रसीदें, टेंडर दस्तावेज़, टिकट बुकिंग रिकॉर्ड) जब्त किए। एजेंसी ने कहा कि इन सबूतों के आधार पर आगे की जांच जारी रहेगी।
आगे की प्रक्रिया
ED ने कहा कि जांच अभी प्रारम्भिक चरण में है और सभी संदेहास्पद व्यक्तियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। FIR के आधार पर कोलकाता पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय जारी रहेगा।
“हम इस मामले में सभी वित्तीय अनियमितताओं को उजागर करने के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे,” ED के प्रवर्तन निदेशालय के प्रवक्ता ने कहा।




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