छत्रपति संभाजीनगर में एक महीने के बच्चे की खरीद-फरोख्त का खुलासा, सात आरोपी गिरफ्तार
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महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक महीने के शिशु की खरीद‑फरोख्त का मामला सामने आया, जिसमें बच्चा मात्र दो दिनों में कई लोगों के हाथों से गुजरते हुए हैदराबाद तक पहुँच गया। पुलिस ने इस चेन को तोड़ते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया और बच्चा सुरक्षित बरामद कर बाल कल्याण समिति को सौंपा गया।
मामले की पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, 20 अगस्त को वंदना योगेश कांबळे ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में मारपीट की शिकायत दर्ज कराई। पूछताछ के दौरान पता चला कि वंदना और उसके पति ने तीन महीने पहले जन्मे शिशु को शिमा रेशीवाल नाम की महिला को लगभग 1.30 लाख रुपये में बेच दिया था। प्रारम्भिक रिपोर्ट में यह रकम 1.20 लाख रुपये बताई गई थी, पर बाद में पुष्टि में 1.30 लाख रुपये दर्ज हुए।
बच्चे की बिक्री की पूरी चेन
- वंदना कांबळे और पति ने शिमा रेशीवाल को बच्चा बेचा।
- शिमा ने बच्चा को पडेगांव की संगीता आवाड को 2.70 लाख रुपये में बेचा। शिमा ने अपनी माँ कौशल्या पवार के 40 हजार रुपये और अपने 1.10 लाख रुपये का योगदान दिया।
- संगीता ने बच्चा को सुरेश नाम के व्यक्ति को नांदेड़ रेलवे स्टेशन पर सौंपा, लेन‑देन की राशि लगभग 3.50 लाख रुपये तक बढ़ गई।
- सुरेश ने बच्चा को अपनी रिश्तेदार उमा गंगाधर कटकम को दिया, जिसके बाद बच्चा हैदराबाद तक पहुँचा।
पुलिस की कार्रवाई
जांच के दौरान हेड कॉन्स्टेबल कोलणे को केस सौंपा गया। बी.एन.एस. की धारा और जे.जे. एक्ट की धारा 88 के तहत मामला दर्ज किया गया। पहले चार लोगों को गिरफ्तार किया गया, बाद में शिमा की माँ, संगीता आवाड, सुरेश और उमा कटकम को भी हिरासत में लिया गया, जिससे कुल सात आरोपी बन गए।
बच्चे की बरामदगी
पुलिस ने एक योजना बनाकर आरोपियों को दस्तावेज़ लेने के बहाने बुलाया। जब वे दस्तावेज़ लेने आए, तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और उसी समय हैदराबाद में स्थित शिशु को सुरक्षित बरामद कर महाराष्ट्र वापस लाया। बच्चा बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया और अब एक संस्था की देखरेख में है।
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आरोपियों द्वारा खर्च की गई राशि
जांच में यह भी सामने आया कि बच्चा बेचने से मिली रकम में से लगभग 62 हजार रुपये सोने के गहने और दो मोबाइल फोन खरीदने में खर्च किए गए। साथ ही, माता‑पिता ने एक बॉन्ड तैयार किया था जिसमें केवल उनके नाम थे, लेकिन बच्चा या अन्य किसी व्यक्ति का नाम नहीं था। यह बॉन्ड भी जांच के दायरे में है।
मुख्य बातें
- छत्रपति संभाजीनगर में एक महीने के शिशु को 1.30 लाख रुपये में जैविक माता‑पिता ने बेचा।
- बच्चा 48 घंटे में चार बार हाथ बदलते हुए नांदेड़, तेलंगाना और हैदराबाद तक पहुँचा।
- पुलिस ने कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया: जैविक माता‑पिता, शिमा रेशीवाल, उसकी माँ कौशल्या पवार, संगीता आवाड, सुरेश और उमा गंगाधर कटकम।
- बच्चे की कीमत लेन‑देन के साथ 3.50 लाख रुपये तक बढ़ी।
- बच्चे को हैदराबाद से सुरक्षित बरामद कर बाल कल्याण समिति को सौंपा गया।
पुलिस अब इस मामले में संभावित बड़े नेटवर्क की जाँच जारी रखेगी और सभी आरोपी को अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग करेगी।




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