बांदा में निजी नलकूप सर्वे के नाम पर 16 हजार रुपये रिश्वत लेते JE और लाइनमैन गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एंटी करप्शन टीम ने बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) और एक संविदा लाइनमैन को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई जसपुरा बिजली उपकेंद्र में की गई, जहां दोनों आरोपी एक किसान से नलकूप सर्वे के नाम पर 16 हजार रुपये मांग रहे थे।
कैसे हुआ खुलासा?
जसपुरा क्षेत्र के रामपुर गांव निवासी 55 वर्षीय हनीफ ने 10 फरवरी को निजी नलकूप के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। नियमानुसार, आवेदन के बाद बिजली विभाग को नलकूप का सर्वे करना था, लेकिन कई दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब हनीफ जानकारी लेने जसपुरा बिजली उपकेंद्र पहुंचे, तो JE रवींद्र कुमार ने उन्हें संविदा लाइनमैन आलोक मिश्रा के पास भेज दिया।
लाइनमैन आलोक मिश्रा ने सर्वे के लिए 20 हजार रुपये की मांग की। जब हनीफ ने इतने पैसे देने में असमर्थता जताई, तो सर्वे से इनकार कर दिया गया। इस पर हनीफ ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत कर दी।
एंटी करप्शन टीम की रणनीति और गिरफ्तारी
शिकायत के आधार पर ट्रैप टीम गठित की गई। 17 मार्च को हनीफ ने दोबारा लाइनमैन से मुलाकात की और 16 हजार रुपये देने पर सहमति बनी। गुरुवार को तय योजना के तहत हनीफ ने रिश्वत की रकम दी। जैसे ही लाइनमैन आलोक मिश्रा पैसे लेकर JE रवींद्र कुमार के कमरे में पहुंचा, एंटी करप्शन टीम ने छापा मारकर दोनों को रंगेहाथ पकड़ लिया।
आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद दोनों को शहर कोतवाली ले जाया गया, जहां भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
सरकार का सख्त रुख
उत्तर प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त नीति अपना रही है। सरकारी अधिकारियों द्वारा रिश्वत लेने के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है।